AI chatbot: आज के समय में टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है, जो कि किसी भी देश के लिए बहुत अच्छा है। क्योंकि टेक्नोलॉजी के बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, लेकिन यही टेक्नोलॉजी तब सिरदर्द बन जाती है जब लोगों की निर्भरता इस पर ज्यादा बढ़ जाती है। जी हां, दरअसल इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) के जमाने AI चैटबॉट्स पर कुछ ज्यादा ही निर्भरता लोगों की बढ़ गई है। ऑफिस का मेल लिखवाना हो, प्रेजेंटेशन बनवाना हो, स्कूल-कॉलेज का प्रोजेक्ट बनवाना हो या फिर रिलेशनशिप से जुड़ी सलाह लेनी हो, लोग तुरंत चैटबॉट पर जाकर अपने सवाल टाइप करने लगते हैं। अमेरिका के ओहियो में यह निर्भरता अब समस्या का रूप लेनी लगी है और लोग यहा AI चैटबॉट्स से शादी करना चाहते हैं। इस मुद्दे की वजह से यहां हंगामा खड़ा हो गया है। यहां के एक जनप्रतिनिधी इस समस्या को देखते हुए ऐसी शादियों पर कानून प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है।
प्रस्ताव पर हो रहा है विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाउस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कमेटी के प्रमुख थेडियस क्लैगेट (Thaddeus Claggett) ने पिछले महीने ओहियो के स्टेट लेजिस्लेचर में एक बिल पेश किया था, जिसमें AI और इंसानों के बीच शादी पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। फिलहाल इस बिल पर विचार चल रहा है। इस प्रस्ताव में भविष्य में AI चैटबॉट्स और इंसानों के बीच संबंधों से उत्पन्न विवादों पर भी चर्चा की गई है। Claggett का कहना है कि अब समय आ गया है जब इंसान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच एक स्पष्ट सीमा तय की जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो वो दिन दूर नहीं जब AI चैटबॉट्स इंसानों की जिंदगी में पार्टनर की तरह अधिकार हासिल करने लगेंगे। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए, अगर किसी दिन कोई चैटबॉट किसी व्यक्ति के फाइनेंसियल फैसलों पर नियंत्रण करने लगे तो क्या होगा?” Claggett ने इसे 'बेहद खतरनाक स्थिति' बताया और कहा कि वह इसे रोकने के लिए कानून बनवाने के पक्ष में हैं।
AI चैटबॉट से आकर्षण महसूस कर रहे लोग
अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, कई लोगों ने AI चैटबॉट को लेकर अपनी बात रखी। कुछ ने कहा कि वो AI चैटबॉट के साथ एक इमोशनली अटैचमेंट महसूस करते हैं तो वहीं कई लोगों ने बताया की ये चैटबॉट उनके इंसानी पार्टनर से ज्यादा संवेदनशील हैं। गौरतलब है कि पिछले काफी समय से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग चैटबॉट पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।