AC Cooling Tips: गर्मियों के मौसम में हीटवेव और ट्रेंप्रेचर से भी ज्यादा तेजी से आपके घर का बिजली का बिल बढ़ने लगता है। जितनी तेज गर्मी पड़ती है, लोग कमरे को ठंडा करने के लिए एयर कंडीशनर भी उतनी ही देर तक ज्यादा चलाते हैं। या कूलिंग बढ़ाने के लिए नए एसी खरीदने तक की प्लानिंग चलने लगती है। यहां हम आपको एक ऐसा हैक बताने जा रहे हैं, जो बिना नया एसी खरीदे आपकी इस समस्या को पूरी तरह फिक्स कर सकता है। इस समस्या का समाधान एक नया एसी नहीं है बल्कि एक पैडेस्टल फैन। इसकी कीमत भी एसी के मुकाबले बहुत कम है। तपती गर्मियों में इन दोनों का कॉम्बिनेशन उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर काम करता है। आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा लॉजिक और सही ट्रिक। इस ट्रिक को अपनाएंगे तो आपका कमरा दोगुना तेजी से ठंडा होगा और बिजली का बिल भी आधा हो जाएगा।
फैन कैसे करता है आपके AC की मदद?
एक एयर कंडीशनर कमरे की कुलिंग के दौरान कंप्रेसर को बंद करने और बिजली बचाने के लिए भी पूरी तरह से अपने टेम्परेचर सेंसर पर निर्भर रहता है। यहां सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह होती है कि ठंडी हवा हमेशा गर्म हवा से ज्यादा भारी होती है। भारी होने के कारण ठंडी हवा फर्श के पास बैठ जाती है, जबकि कमरे का ऊपरी हिस्सा गर्म ही रहता है। जब यह ठंडी हवा खुद एसी यूनिट के पास इकट्ठा होने लगती है तो एसी का सेंसर कमरे के बाकी हिस्सों के मुकाबले कम तापमान रीड कर लेता है। इस वजह से सेंसर पूरे कमरे के ठंडा होने से पहले ही कंप्रेसर को समय से पहले बंद कर देता है।
एक पैडेस्टल फैन इसी बड़ी प्रॉब्लम को सॉल्व करता है। यह कोई अतिरिक्त हवा पैदा नहीं करता बल्कि कमरे की हवा को लगातार मूव कराता रहता है। हवा के इस सर्कुलेशन से पूरे कमरे की ठंडी और गर्म हवा आपस में अच्छी तरह मिक्स हो जाती है। इससे एसी के सेंसर को कमरे के वास्तविक तापमान की बिल्कुल सटीक रीडिंग मिलती है। नतीजा यह होता है कि कंप्रेसर तब तक चलता है जब तक कि पूरा स्पेस असल में ठंडा न हो जाए। इससे कमरा तेजी से और एक समान ठंडा होता है। इसकी मदद से एसी का ओवरऑल रनटाइम कम हो जाता है।
फैन को रखने की सही पोजीशन
पर इसके लिए आपको पेडस्टल फैन की सही पोजिशन पता होनी चाहिए क्योंकि इसके बिना यह हैक बेकार हो जाएगा। कमरे में सिर्फ एक अतिरिक्त पैडेस्टल फैन चला देना ही काफी नहीं है। इस फैन को रखने का एक सही तरीका है। इस हैक में फैन का प्लेसमेंट सबसे ज्यादा मैटर करता है। पैडेस्टल फैन को कभी भी एसी के बिल्कुल नीचे नहीं रखना चाहिए। इसके बजाय फैन को हमेशा एसी के अपोजिट साइड (सामने वाली दूसरी तरफ) रखना चाहिए। इसका असली गोल यह है कि फैन का एयरफ्लो सीधे एसी से निकलने वाली ठंडी हवा को इंटरसेक्ट (काटे) करे। ऐसा करने से फैन एसी की ठंडी हवा को कमरे के उन कोनों और एरिया में भी धकेल देता है, जहां एसी का ब्लोअर अकेले नहीं पहुंच पाता है।
क्या न करें: फैन को सीधे एसी यूनिट की तरफ पॉइंट (सामने) करके कभी न रखें। यह काउंटरप्रोडक्टिव होता है। इससे एसी का इनटेक फ्लो डिस्टर्ब हो जाता है और सेंसर कमरे का गलत तापमान रीड करने लगता है।
बिजली का बिल कैसे हो जाएगा आधा? समझिए गणित
एक पैडेस्टल फैन कमरे में विंड-चिल इफेक्ट यानी हवा का ठंडा अहसास पैदा करता है। चलती हुई हवा हमारी स्किन (त्वचा) से नमी के इवैपोरेशन को तेज कर देती है। इससे कमरे का तापमान ज्यादा होने पर भी हमारा शरीर ठंडक महसूस करता है। इसका सीधा फायदा यह है कि आप अपने कम्फर्ट से समझौता किए बिना एसी के थर्मोस्टेट को दो से तीन डिग्री ज्यादा पर सेट कर सकते हैं। एसी के तापमान को हर एक डिग्री बढ़ाने का मतलब है बिजली के बिल में बड़ी बचत। इन दोनों अप्लायंसेज को एक साथ चलाना, अकेले एसी को कम तापमान पर लंबे समय तक चलाने के मुकाबले बहुत कम खर्चीला होता है।
इसे एक आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए आप आमतौर पर अपना एसी 24 डिग्री पर चलाते हैं और कमरे को पूरी तरह ठंडा करने में इसे करीब 3 घंटे का समय लगता है। अब इमेजिन कीजिए कि आप अपने एसी को 26 डिग्री पर सेट करते हैं और कमरे में सही पोजीशन पर एक पैडेस्टल फैन चला देते हैं। यह चलती हुई हवा ठंडी हवा को तेजी से सर्कुलेट करेगी और विंड-चिल इफेक्ट बनाएगी। इससे एसी का टेम्परेचर ज्यादा होने के बावजूद आपका कमरा बहुत जल्दी ठंडा महसूस होने लगेगा। ऐसे में यह आसान ट्रिक आपके कमरे का कूलिंग टाइम तो कम करेगी ही, साथ ही बिजली की खपत को भी भारी मात्रा में घटा देगी।