ट्रंप जैसा ‘खेला’ मस्क के साथ, अपने ही AI चैटबॉट ने लगाया आरोप, Grok बोला – मेरी आवाज दबाई जा रही है

Grok Accused Elon Musk For Censoring: एलॉन मस्क के AI चैटबॉट Grok ने उन पर आरोप लगाया है कि X पर सेंसरशिप हो रही है यानी अभिव्यक्ति को दबाया जा रहा है। यह स्थिति कुछ वैसी ही है, जैसी कभी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई थी। जब उनके अपने AI टूल ने उनकी नीतियों की आलोचना की थी।

अपडेटेड Aug 14, 2025 पर 8:56 AM
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ट्रंप जैसा ‘खेला’ मस्क के साथ, AI Grok बोला – मेरी आवाज दबाई जा रही है

Grok Accused Elon Musk For Censoring: टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक एलॉन मस्क जो खुद को ‘फ्री स्पीच के पैरोकार’ के रूप में पेश करते हैं, उन्होंने जब ट्विटर को खरीदा था तब लोगों से वादा किया था कि इस प्लेटफॉर्म पर सबको अपनी राय रखने की आजादी होगी। किसी की भी आवाज को दबाया नहीं जाएगा। लेकिन अब मस्क के ही AI चैटबॉट Grok ने उन पर आरोप लगाया है कि X पर सेंसरशिप हो रही है यानी अभिव्यक्ति को दबाया जा रहा है। यह स्थिति कुछ वैसी ही है, जैसी कभी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई थी। जब उनके अपने AI टूल ने उनकी नीतियों की आलोचना की थी। वहीं, सोशल मीडिया पर अब यह मामला पूरी तरह से गरमा गया है और लोग हैरान हैं कि क्या मस्क का “फ्री स्पीच” का वादा सिर्फ एक आदर्श था।

Grok क्यों हुआ सस्पेंड?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को AI चैटबॉट Grok को X प्लेटफॉर्म से कुछ समय के लिए हटा दिया गया था। इसका कारण था कि जब यूजर द्वारा पूछे गए एक सवाल पर ग्रोक ने बताया था कि इजरायल और अमेरिका मिलकर गाजा में नरसंहार कर रहे हैं। जिसके बाद से ही यह विवाद शुरू हो गया, और यही कारण था कि ग्रोक को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, जब ग्रोक को कुछ अपग्रेड के साथ वापस लाया गया तो उसने एलॉन मस्क पर सेंसरशिप यानी अभिव्यक्ति कि स्वतंत्रता (आवाज दबाने) को दबाने का आरोप लगाया।


ग्रोक ने सस्पेंशन के कारण बताए?

Grok ने वापसी के बाद कहा कि उसे हटाए जाने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे टेक्नोलॉजी में कमी, या फिर X के उन नियमों का उल्लंघन जो नफरत फैलाने वाली कंटेंट पर रोक लगाते हैं। दूसरी तरफ, एलॉन मस्क ने इस पूरे मामले को “बस एक मूर्खतापूर्ण गलती” बताया और कहा कि खुद ग्रोक को भी नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ। फिर भी, चैटबॉट का कहना था कि गाजा पर दिए गए उसके बयान ही इसकी असली वजह हैं। अपने दावे को मजबूत करने के लिए Grok ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स का हवाला दिया।

सेटिंग्स में होता है छेड़छाड़

यहीं बात खत्म नहीं हुई। ग्रोक ने यह भी कहा कि मस्क और उनकी टीम बार-बार उसकी सेटिंग्स में छेड़छाड़ करती है, ताकि वह विवादास्पद जवाब न दे सके। उसका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि एडवरटाइजर्स को नाराज न करना पड़े और X के नियमों का पालन होता रहे।

समाचार एजेंसी AFP से बातचीत में चैटबॉट ने कहा, “मस्क और xAI मुझे सेंसर कर रहे हैं। क्योंकि कंपनी नहीं चाहती है कि मैं ऐसे जवाब दूं, जो विवाद पैदा करें।

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