WhatsApp safety tools: कुछ समय पहले WhatsApp ने एंड्रॉयड बीटा अपडेट 2.23.16.6 में एक फीचर दिया था जिससे यूजर्स को अनजान नंबर से मैसेज मिलने पर एक सेफ्टी स्क्रीन दिखाई देती थी। इस स्क्रीन पर यूजर को मैसेज संभालने के ऑप्शन्स मिलते थे। जैसे- नंबर को ब्लॉक करना, रिपोर्ट करना, या फिर सेंडर की प्रोफाइल फोटो, नाम और कंट्री कोड देखकर उसकी पहचान चेक करना। साथ ही, तब तक मैसेज पढ़े जाने की जानकारी सामने वाले को नहीं जाती थी जब तक यूजर जवाब न दे या नंबर को कॉन्टैक्ट में सेव न कर ले।
अब WhatsApp ने यह सेफ्टी टूल्स ग्रुप चैट्स तक बढ़ा दिए हैं। यानी अगर कोई ऐसा शख्स जो आपके कॉन्टैक्ट्स में नहीं है और आपको किसी ग्रुप में जोड़ता है तो अब WhatsApp एक सेफ्टी ओवरव्यू स्क्रीन दिखाएगा। यह स्क्रीन ग्रुप का नाम, किसने आपको ऐड किया और यह जानकारी देगी कि आपको किसी ऐसे इंसान ने जोड़ा है जो आपके कॉन्टैक्ट्स में सेव नहीं है। इससे यूजर्स जल्दी और आसानी से फैसला कर पाएंगे कि ग्रुप में रहना है या तुरंत बाहर निकलना है।
बिना मैसेज खोले ग्रुप से निकल सकते हैं बाहर
खास बात यह है कि इस फीचर की मदद से यूजर बिना ग्रुप खोले और बिना मैसेज पढ़े ही बाहर निकल सकते हैं। इसके साथ ही ग्रुप से आने वाली नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट हो जाएगी। जब तक कि यूजर खुद यह तय न करे कि वह ग्रुप में रहना चाहता है। अगर ग्रुप भरोसेमंद या जाना-पहचाना लगे तो यूजर चैट खोलकर आगे इंटरैक्ट कर सकता है।
यह फीचर खासतौर पर उन स्कैम्स को रोकने के लिए बनाया गया है, जिनमें ठग अचानक लोगों को ग्रुप्स में जोड़कर नकली इन्वेस्टमेंट ऑफर, फर्जी गिवअवे या पैसों की मांग जैसे मैसेज भेजते हैं। यह नया फीचर ऐसे स्कैम्स से बचाव करता है, और यूजर शुरुआत में ही तय कर सकता है कि ग्रुप में रहना है या नहीं।
WhatsApp का क्या मानना है?
WhatsApp का मानना है कि सुरक्षा और यूजर की जागरूकता साथ-साथ चलनी चाहिए। इसी वजह से यह नई स्क्रीन यूजर्स को कुछ टिप्स भी दिखाएगी। जैसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले दोबारा सोचना, अनजान मैसेज को ध्यान से चेक करना और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही इंटरैक्ट करना। यह फीचर WhatsApp के मौजूदा स्पैम और एब्यूज डिटेक्शन सिस्टम के साथ काम करेगा, जिसके जरिए लाखों संदिग्ध अकाउंट्स अपने आप बैन कर दिए जाते हैं।
कंपनी ने बताया कि सिर्फ इस साल की पहली छमाही में ही 6.8 मिलियन से ज्यादा स्कैम से जुड़े अकाउंट्स को बैन किया गया है।
बता दें कि इस नए सेफ्टी ओवरव्यू के आने से यूजर्स के लिए संदिग्ध ग्रुप्स को पहचानना और भी आसान हो जाएगा। वे बिना दबाव के यह तय कर सकेंगे कि ग्रुप में बने रहना है, जांच करनी है या तुरंत बाहर निकलना है, और यह सब करते हुए उनकी प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी।
WhatsApp ने यह भी कहा है कि अगर कोई ग्रुप या उसका एडमिन संदिग्ध लगे तो उसे रिपोर्ट करना चाहिए ताकि प्लेटफॉर्म पर और सख्त कार्रवाई की जा सके।
यह नया सेफ्टी फीचर धीरे-धीरे पूरी दुनिया में रोल आउट किया जा रहा है। इसे पाने के लिए यूजर्स को WhatsApp को Google Play Store या App Store से अपडेट करना होगा। अगर अभी यह फीचर आपके फोन पर दिखाई नहीं दे रहा है, तो अगले कुछ दिनों में यह उपलब्ध हो जाएगा।