जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए किया वीजा-फ्री ट्रांजिट का ऐलान, जानें इसके बारें में सबकुछ

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की शर्त खत्म करने का फैसला किया है, जिससे यूरोप, यूके और नॉर्थ अमेरिका की यात्रा आसान होगी। यह घोषणा 12 जनवरी 2026 को चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान की गई

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 7:13 PM
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नई नीति के मुताबिक अब भारतीय नागरिकों को जर्मनी में फ्लाइट बदलने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा

भारतीय यात्रियों के लिए जर्मनी ने एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है। जर्मनी ने भारतीय यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इस फैसले से जर्मनी के जरिए यूरोप, यूके, नॉर्थ अमेरिका और अन्य देशों की यात्रा करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा, खासकर उन यात्रियों के लिए जो जर्मनी के बड़े एयरपोर्ट से होकर फ्लाइट बदलते हैं। ये घोषणा 12 जनवरी 2026 को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा के दौरान की गई, जो चांसलर बनने के बाद उनका भारत और एशिया का पहला दौरा था। हालांकि ये सुविधा किस तारीख से लागू होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार किया जा रहा है।

पहले क्या थे नियम

नई नीति के मुताबिक अब भारतीय नागरिकों को जर्मनी में फ्लाइट बदलने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा। मतलब ये कि फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या बर्लिन जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री बिना शेंगेन टाइप-A वीजा के अपनी अगली इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ सकते हैं, बस उन्हें इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया से बाहर नहीं जाना होगा। इससे जर्मनी के रास्ते यात्रा करना पहले से ज्यादा आसान और आरामदायक हो जाएगा।


पहले भारतीय पासपोर्ट धारकों को शेंगेन ट्रांजिट वीजा लेना पड़ता था, भले ही वे एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया से बाहर न जाते हों और इमिग्रेशन क्लियर न करते हों। इस प्रक्रिया में ज्यादा पेपरवर्क, प्रोसेसिंग टाइम और अतिरिक्त खर्च भी शामिल होता था।

क्या है इसकी शर्तें

इस फैसले से ट्रांजिट जरूर आसान हुआ है, लेकिन इसके साथ कुछ साफ नियम भी लागू रहेंगे। वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा केवल एयरपोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया तक ही सीमित होगी। यात्रियों को अपनी अगली फ्लाइट 24 घंटे के भीतर पकड़नी होगी। इसके अलावा, जिस देश में जाना है उसके लिए वैध वीजा और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट होना अनिवार्य है। सबसे अहम बात ये है कि इस छूट के तहत जर्मनी या किसी भी शेंगेन देश में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

इसके तहत यात्री एयरपोर्ट से बाहर नहीं जा सकते और न ही जर्मनी या किसी अन्य शेंगेन देश में प्रवेश कर सकते हैं। घूमने, होटल में ठहरने या रात भर रुकने की भी इजाजत नहीं होगी। टूरिज्म, बिजनेस, नौकरी, पढ़ाई या परिवार से मिलने के लिए भारतीय नागरिकों को पहले की तरह वैध शेंगेन या जर्मन वीजा लेना ही होगा।

इससे किसे होगा फायदा

नई वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा से अंतरराष्ट्रीय यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गई है। इस वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा से यूरोप, यूके, अमेरिका और कनाडा जाने वाले भारतीय यात्रियों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर वे लोग लाभ में रहेंगे जो फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और बर्लिन जैसे जर्मनी के बड़े एयरपोर्ट से फ्लाइट बदलते हैं। जो यात्री बार-बार विदेश यात्रा करते हैं, उनके लिए भी यह राहत की खबर है, क्योंकि अब उन्हें कम लेओवर, कम पेपरवर्क और वीजा से जुड़ी कम परेशानियों के साथ सफर करने का मौका मिलेगा।

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