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ये है भारत की सबसे धीमी ट्रेन, पांच घंटे में तय करती हैं 46 किलोमीटर... फिर क्यों होती है इतनी भीड़

यह ट्रेन अपनी यात्रा नीलगिरि की तलहटी में बसे मेट्टुपालयम स्टेशन से शुरू करती है और तमिलनाडु के ऊटी स्टेशन पर पहुंचकर खत्म होती है। इसके कोच नीले और क्रीम रंग में रंगे होते हैं और अधिकतर लकड़ी के बने होते हैं। ये ट्रेन सिर्फ 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब पांच घंटे लगा देती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 22, 2025 पर 5:52 PM
ये है भारत की सबसे धीमी ट्रेन, पांच घंटे में तय करती हैं 46 किलोमीटर... फिर क्यों होती है इतनी भीड़
इसे मेट्टुपालयम-ऊटी पैसेंजर ट्रेन भी कहा जाता है।(Photo: Canva/Representative image)

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सुकून के पल पाना आसान नहीं होता। हर कोई किसी ना किसी जल्दी में होता है। ज्यादातर लोग कहीं पर जाने के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों और फ्लाइट लेते हैं, ताकि वह जल्द से जल्द अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच सके। लेकिन क्या आपको ये पता है कि भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है जो सबसे धीमी मानी जाती है। इस ट्रेन में आपको आराम के साथ नेचर के खूबसूरत नजारें भी देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं इस ट्रेन के बारे में

ये पैसेंजर ट्रेन मेट्टुपालयम से ऊटी तक बेहद धीमी रफ्तार से चलती है, इसे मेट्टुपालयम-ऊटी पैसेंजर ट्रेन भी कहा जाता है। मेट्टुपालयम से ऊटी तक चलने वाली यह ट्रेन भारत की सबसे धीमी ट्रेन मानी जाती है, लेकिन ये ट्रेन आपके सफर के हर पल को खास बना देती है। ये ट्रेन सिर्फ 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब पांच घंटे लगा देती है।

कहां-कहां से होकर गुजरती है ट्रेन

नीलगिरि माउंटेन रेलवे, जिसे ऊटी टॉय ट्रेन भी कहा जाता है, भारत की सबसे धीमी ट्रेन मानी जाती है। यह मेट्टुपालयम से उदगमंडलम (ऊटी) के बीच चलती है और करीब 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 5 घंटे लेती है। देश की सबसे तेज ट्रेनों से यह करीब 16 गुना धीमी है, लेकिन इसकी खासियत यही है कि यह सफर यात्रियों को केलर, कुन्नूर, वेलिंगटन, लवडेल और फर्न हिल जैसे खूबसूरत हिल स्टेशनों से होकर गुजरने का अनोखा एक्सपीरिएंस कराता है। भले ही यह ट्रेन बहुत धीमी चलती है, लेकिन इसकी खूबी यही है कि यात्री रास्ते में आने वाले शांत और खूबसूरत नजारों का आनंद आराम से ले सके।

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