Monsoon Season: मानसून के मौसम में घूमने का अलग ही मजा होता है। बारिश के समय हर तरफ हरियाली और ताजगी ही दिखती है। मानसून के मौसम में ठंडी हवा, हरियाली और मिट्टी की ताजगी भरी खुशबू एक अलग ही एहसास लेकर आता है। बारिश के मौसम में महाराष्ट्र के ये मदिंर स्वर्ग जैसी सुंदर लगने लगती है। इस समय मंदिरों की सुंदरता और आध्यात्मिकता का मेल दिल को छू जाता है। हरियाली से ढकी पहाड़ियां, हल्की धुंध और झरनों की आवाज मिलकर एक शांत और दिव्य माहौल बनाते हैं।
महाराष्ट्र में कई ऐसे पुराने मंदिर हैं जो मानसून में बेहद खूबसूरत लगते हैं और मन को शांति देते हैं। अगर आपको मानसून में कही घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इन जगहों पर आपको जरूर घूमना चाहिए। आइए जानते हैं इन जगहों के बारे में।
पुणे जिले की सह्याद्रि पहाड़ियों में बसा भीमाशंकर मंदिर बारिश के मौसम में बेहद खूबसूरत लगने लगता है। बादलों से ढकी पहाड़ियां, झरने और चारों ओर फैली हरियाली इसे किसी स्वर्ग से कम नहीं बनाते। रास्ते में पड़ने वाली हल्की धुंध और प्रकृति की शांति यहां आने का अनुभव और भी खास बना देती है। यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और मानसून में यहां आकर भक्तों को एक अलग ही आध्यात्मिक शांति और सुकून महसूस होता है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर (नासिक)
नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर बारिश के मौसम में और भी सुंदर लगने लगता है। चारों ओर फैली हरी-भरी ब्रह्मगिरी पहाड़ियां, झरने और हल्की धुंध इसे बेहद शांत और आकर्षक बना देते हैं। यह मंदिर गोदावरी नदी का उद्गम स्थल भी है और बादलों से ढके आसमान के नीचे इसका नजारा देखने लायक होता है।
पुणे के पास स्थित जेजुरी का खंडोबा मंदिर भगवान शिव के रूप मल्हारी मार्तंड रूप को समर्पित है। ये मंदिर मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर हरियाली और बादलों के बीच एक खास अहसास होता है। यहां का भंडारा उत्सव और पारंपरिक अनुष्ठान भी देखने लायक होते हैं।
सप्तश्रृंगी देवी मंदिर (नासिक)
नासिक जिले में सह्याद्रि की पहाड़ियों पर बना सप्तश्रृंगी देवी मंदिर मानसून में बादलों और हरियाली से घिरा हुआ बेहद सुंदर दिखाई देता है। यहां तक पैदल यात्रा करते हुए रास्ते में झरनों और घाटियों के दृश्य मन को सुकून देते हैं।
हरिहरेश्वर मंदिर (रायगढ़)
रायगढ़ में स्थित हरिहरेश्वर मंदिर को 'दक्षिण की काशी' भी कहा जाता है, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और शांत जगह है। मानसून के समय यह स्थान और भी सुंदर लगने लगता है, जब चारों ओर हरियाली, समुद्र की ठंडी हवा और तटों की शांति मन को सुकून देती है। श्रीवर्धन या दिवेआगर से होते समुद्र किनारे चट्टान के पास बने मंदिर के प्रदक्षिणा मार्ग से गुजरना एक खास अनुभव बन जाता है।