हाथी, बाघ और मगरमच्छ...नोएडा में जल्द ही खुलेगा ये अनोखा पार्क, जंगल के साथ नाइट सफारी का भी मिलेगा मजा

Noida Jungle Trail: नोएडा में 20 एकड़ में फैला यह नया पार्क खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस अनोखे पार्क में हर जानवर और कलात्मक चीज को पुराने नट, बोल्ट, छड़, चेन और फ्यूल टैंक जैसी कबाड़ सामग्री से तैयार किया गया है। ये पहल पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्वच्छ भारत मिशन को समर्थन देने की दिशा में एक खास कदम है

अपडेटेड Jun 16, 2025 पर 8:14 PM
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बुलाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में जल्द ही एक खास तरह का पार्क लोगों के लिए खुलने जा रहा है। इस पार्क की खासियत है ये कि इसको लोहे के कचरे से बनाया गया है। वहीं आप इस पार्क में रात के समय जंगल सफारी जैसा एक्सपीरिएंस भी ले सकेंगे। ये जंगल ट्रेल ‘वेस्ट-टू-वंडर’ पार्क प्रोजेक्ट का हिस्सा है। नोएडा का ये पार्क 25 जून से ट्रायल के लिए तैयार रहेगा वहीं इसका औपचारिक उद्घाटन जुलाई की शुरुआत में होने की संभावना है।

वहीं पार्क में अभी मेन गेट, कैफेटेरिया और पेंटिंग का काम बाकी है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बुलाया जाएगा।

20 एकड़ में फैला है पार्क


नोएडा में 20 एकड़ में फैला यह नया पार्क खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। करीब 22 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह पार्क नोएडा प्राधिकरण और Z-Tech नाम की एक निजी कंपनी के साथ मिलकर PPP मॉडल पर बनाया जा रहा है। इससे पहले यह कंपनी लखनऊ में भी कई अनोखे पार्क बना चुकी है। नोएडा में बनने रहे इस पार्क को चार अलग-अलग थीम में बांटा जाएगा। इस पार्क में लोगों को जंगल जैसा रोमांचक एक्सपीरिएंस होगा। यहां दुनिया के छह महाद्वीपों से जुड़े 700 से ज्यादा जानवरों की मूर्तियां लगाई जाएंगी, जिनमें हाथी, बाघ,मगरमच्छ, अजगर, ऊंट और कई तरह के पक्षी शामिल होंगे।

ले सकेंगे जंगल सफारी का आनंद

Z-Tech की उपाध्यक्ष ईशा चौधरी ने बताया कि, इस अनोखे पार्क में हर जानवर और कलात्मक चीज को पुराने नट, बोल्ट, छड़, चेन और फ्यूल टैंक जैसी कबाड़ सामग्री से तैयार किया गया है। ये पहल पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्वच्छ भारत मिशन को समर्थन देने की दिशा में एक खास कदम है। पार्क में आने वाले लोग रात के समय जंगल सफारी जैसा अनुभव भी ले सकेंगे, जहां रौशनी से जगमगाती मूर्तियां और खास लाइटिंग एक असली जंगल जैसा माहौल बनाएंगे। यहां लगी सभी मूर्तियां, फर्नीचर, गजेबो और लाइट्स को दोबारा इस्तेमाल की गई चीजों से बनाया गया है। करीब 500 टन लोहे के कचरे को सुंदर और शानदार मूर्तियों का रूप दिया गया है। फिलहाल पार्क का मुख्य गेट, कैफेटेरिया और कुछ पेंटिंग का काम बाकी है, बाकी सारी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।

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