9 साल में ₹1.84 लाख से 75 लाख रुपये सालाना तक पहुंचा पैकेज, Tier-3 कॉलेज के ग्रेजुएट ने बताया कैसे

न B.Tech की डिग्री, न किसी बड़े कॉलेज का टैग और शुरुआत महज ₹1.84 लाख सालाना सैलरी से। फिर भी एक शख्स ने 9 साल में अपनी कमाई को बढ़ाकर ₹75 लाख कर लिया। Reddit पर शेयर की गई उसकी कहानी अब चर्चा में है। इसमें नौकरी बदलने, सैलरी नेगोशिएशन और लेऑफ से जुड़े कई दिलचस्प मोड़ हैं

अपडेटेड Aug 17, 2026 पर 12:21 PM
कोविड के दौरान नौकरी का बाजार भले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था

कभी-कभी करियर की शुरुआत छोटी होती है, लेकिन मंजिल बड़ी। Reddit पर एक शख्स ने अपनी ऐसी ही कहानी शेयर की है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। करीब 9 साल पहले उसकी सालाना कमाई सिर्फ ₹1.84 लाख थी। आज वही शख्स ₹75 लाख सालाना कमा रहा है। खास बात यह है कि उसके पास न B.Tech की डिग्री है और न ही किसी बड़े या नामी कॉलेज की पढ़ाई। उसकी कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि रास्ते में उसे धीमी सैलरी ग्रोथ, नौकरी बदलने, मुश्किल बॉस और यहां तक कि लेऑफ का सामना भी करना पड़ा।

शुरुआत सिर्फ ₹1.84 लाख की सैलरी से हुई

शख्स ने Tier-3 कॉलेज से B.Sc. Mathematics with Computer Applications की पढ़ाई की थी। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उसे एक IT कंपनी में नौकरी मिली। पहली सैलरी सुनकर शायद आज के समय में किसी को बड़ी नहीं लगेगी सिर्फ ₹1.84 लाख सालाना। करियर के शुरुआती कुछ साल भी बहुत तेजी से नहीं बढ़े। करीब चार साल बाद उसकी कमाई लगभग ₹4.5 लाख सालाना हुई।


फिर आया करियर का पहला बड़ा मोड़

कोविड के दौरान नौकरी का बाजार भले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था, लेकिन उसके लिए यही समय नया मौका लेकर आया। उसने नौकरी बदली और एक Big Four कंपनी में पहुंच गया। नई कंपनी में उसकी सैलरी सीधे ₹8 लाख सालाना हो गई। लेकिन वह यहीं रुकने वाला नहीं था।

₹8 लाख के ऑफर पर नहीं माना

एक साल बाद उसे लगा कि जिस तरह का काम वह कर रहा है, उसमें आगे बढ़ने की गुंजाइश कम है। उसने फिर नौकरी तलाशनी शुरू कर दी। इस बार उसके पास एक से ज्यादा ऑफर थे। उसने पहला ऑफर स्वीकार करने के बजाय सैलरी पर बातचीत की और आखिरकार ₹17.4 लाख का पैकेज हासिल किया। यानी कुछ ही समय में उसकी कमाई दोगुने से भी ज्यादा हो गई।

मुश्किल बॉस आया, लेकिन ग्रोथ नहीं रुकी

अगले तीन सालों में उसे एक मुश्किल मैनेजर के साथ भी काम करना पड़ा। फिर भी उसने अपनी स्किल और काम पर ध्यान बनाए रखा। समय के साथ मिलने वाली हाइक ने उसकी सैलरी को करीब ₹30 लाख सालाना तक पहुंचा दिया। इसके बाद उसने एक स्टार्टअप का रुख किया। वजह थी बेहतर कमाई के साथ एक अच्छा वर्क एनवायरनमेंट।

स्टार्टअप ने बढ़ाकर दी ₹42.2 लाख सैलरी

नौकरी बदलने का फैसला एक बार फिर उसके पक्ष में गया। नई कंपनी में उसकी सैलरी बढ़कर ₹42.2 लाख सालाना हो गई। ऐसा लग रहा था कि करियर लगातार ऊपर जा रहा है। लेकिन तभी एक ऐसा झटका लगा, जिसकी शायद उसने उम्मीद नहीं की थी।

₹42 लाख की नौकरी गई, फिर भी नहीं टूटा हौसला

स्टार्टअप में करीब एक साल काम करने के बाद उसे लेऑफ का सामना करना पड़ा। यानी लाखों की सैलरी वाली नौकरी अचानक हाथ से निकल गई। लेकिन उसने इस दौर को सिर्फ नुकसान की तरह नहीं देखा। नौकरी से मिले सेवरेंस पीरियड का इस्तेमाल उसने खुद को अगली भूमिका के लिए तैयार करने में किया।

लेऑफ के बाद मिला ₹75 लाख का पैकेज

कुछ समय बाद उसे एक दूसरे स्टार्टअप में नौकरी मिल गई। इस बार जो ऑफर मिला, उसने उसकी पूरी करियर जर्नी को एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया। उसकी सालाना सैलरी बढ़कर ₹75 लाख हो गई। यानी ₹42.2 लाख से सीधे करीब 77 फीसदी की छलांग।

उसकी कहानी से क्या सीख मिलती है?

Reddit यूजर का मानना है कि डिग्री करियर की शुरुआत में दरवाजा खोल सकती है, लेकिन लंबे समय तक आगे बढ़ने के लिए स्किल और लगातार सीखना ज्यादा जरूरी है। उसकी कहानी में एक और बड़ी सीख सैलरी नेगोशिएशन की है। ₹8 लाख से ₹17.4 लाख तक पहुंचने में सिर्फ नौकरी बदलना ही नहीं, बल्कि अपनी कीमत समझकर सही तरीके से बातचीत करना भी अहम रहा। और शायद सबसे बड़ी बात लेऑफ हमेशा करियर का अंत नहीं होता। कभी-कभी नौकरी का जाना ही उस मौके तक पहुंचा सकता है, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की थी।

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