गर्मी और बरसात का मौसम आते ही सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। बारिश के दौरान बिलों में पानी भरने और मौसम में बदलाव के कारण कई जहरीले सांप इंसानी इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं। रसल वाइपर, कॉमन करैत और कोबरा जैसे सांप अक्सर घरों, खेतों और आसपास की जगहों में दिखाई देते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों से बचाव के लिए डर नहीं, बल्कि सतर्कता और सही जानकारी जरूरी है।
घर की सफाई, आसपास के माहौल को सुरक्षित रखना और सांप दिखने पर सही कदम उठाना किसी भी अनहोनी से बचा सकता है। मानसून के दौरान कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इंसान और सांप दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
बरसात में क्यों बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले?
बारिश के दौरान बिलों में पानी भरने के कारण सांप बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों, गोदामों या खेतों में पहुंच जाते हैं। अनाज निकालते समय, सफाई करते हुए या अंधेरे स्थानों पर अनजाने में इनके संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मई से सितंबर के बीच सर्पदंश के मामलों में तेजी देखने को मिलती है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।
ये तीन सांप माने जाते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक
भारत में सर्पदंश से होने वाली मौतों के लिए ‘बिग फोर’ सांपों को जिम्मेदार माना जाता है। इनमें रसल वाइपर, कॉमन करैत, स्पेक्टिकल कोबरा (गेहुअन) और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। रसल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर के जहर का असर खून पर पड़ता है, जबकि करैत और कोबरा का विष नसों पर असर करता है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
सांप काट ले तो झाड़-फूंक नहीं, तुरंत इलाज जरूरी
सांप के काटने के बाद समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। देरी या घरेलू नुस्खों और झाड़-फूंक पर निर्भर रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
घर को सांपों से बचाने के आसान तरीके
सांपों को घर से दूर रखने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं:
सांप दिखे तो दूरी बनाएं, खुद पकड़ने की कोशिश न करें
अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग, प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या विशेषज्ञों की मदद लें। सावधानी, सफाई और जागरूकता ही बारिश के मौसम में सांपों से बचने का सबसे आसान तरीका है।