आज की जॉब मार्केट पहले जैसी नहीं रही। एक अच्छी नौकरी के लिए लाखों उम्मीदवार आवेदन कर रहे हैं, कंपनियां AI की मदद से रिज्यूमे छांट रही हैं और चयन प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा लंबी हो गई है। ऐसे माहौल में केवल डिग्री, स्किल्स या ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर आवेदन करना सफलता की गारंटी नहीं माना जा रहा। करियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि नौकरी पाने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अब उम्मीदवारों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ना होगा। खासतौर पर टेक इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने युवाओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
ऐसे समय में एक दिग्गज टेक कंपनी के CEO ने नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए ऐसा सुझाव दिया है, जिसे अपनाकर वो छिपे हुए करियर अवसरों तक भी पहुंच सकते हैं। उनका मानना है कि सही रणनीति और लोगों से जुड़ने की आदत भविष्य में नौकरी पाने की संभावनाओं को काफी मजबूत बना सकती है।
'कई नौकरियां कभी पब्लिश ही नहीं होतीं'
करीब 5.5 अरब डॉलर वैल्यू वाली साइबर सिक्योरिटी कंपनी Netskope के प्रमुख संजय बेरी के अनुसार, कई शानदार नौकरियां ऐसी होती हैं जो कभी जॉब पोर्टल पर दिखाई ही नहीं देतीं। ऐसे मौके अक्सर व्यक्तिगत संपर्कों और रेफरल के जरिए मिलते हैं।
टेक इंडस्ट्री में एंट्री का सबसे आसान मंत्र
जब उनसे पूछा गया कि टेक सेक्टर में करियर शुरू करने वालों के लिए सबसे अहम सलाह क्या होगी, तो उनका जवाब बेहद साफ था लगातार नेटवर्किंग करें। उनका कहना है कि सही लोगों से मिलना और संबंध बनाना लंबे समय में सबसे बड़ा निवेश साबित होता है।
हर हफ्ते 2-3 इवेंट में जाएं
बेरी का सुझाव है कि जिन युवाओं पर पारिवारिक जिम्मेदारियां कम हैं, उन्हें सप्ताह में कम से कम दो से तीन नेटवर्किंग इवेंट्स में हिस्सा लेना चाहिए। ये जरूरी नहीं कि बड़े कॉर्पोरेट इवेंट ही हों। किसी यूनिवर्सिटी का सेशन, इंडस्ट्री टॉक या कॉफी पर हुई अनौपचारिक मुलाकात भी नए अवसरों का दरवाजा खोल सकती है।
AI से नहीं, इंसानों से बनेंगे मौके
उनका कहना है कि आज कंपनियां AI टूल्स से हजारों रिज्यूमे छांट रही हैं, जिससे सिर्फ आवेदन भेजकर अलग पहचान बनाना मुश्किल हो गया है। ऐसे माहौल में व्यक्तिगत संपर्क उम्मीदवार को भीड़ से अलग पहचान दिला सकते हैं।
हेल्प डेस्क से CEO बनने तक का सफर
संजय बेरी ने अपने करियर की शुरुआत टोरंटो में किशोरावस्था के दौरान एक IT हेल्प डेस्क से की थी। वर्षों की मेहनत और मजबूत नेटवर्किंग के दम पर उन्होंने सिलिकॉन वैली की अरबों डॉलर की टेक कंपनी का नेतृत्व संभाला। उनका मानना है कि डिग्री और स्किल्स जरूरी हैं, लेकिन सही लोगों से बने रिश्ते अक्सर करियर की सबसे बड़ी उड़ान तय करते हैं।