78 साल के इस शख्स ने अपनी नैनी को दे दिया 1.4 करोड़ का फ्लैट पर बेटे ने कर दिया मुकदमा और फिर आया ये आदेश
चीन में 78 साल के बुजुर्ग की कहानी वायरल है, जिन्होंने ₹1.4 करोड़ की संपत्ति एक महिला को देने की पेशकश की। बदले में उन्होंने जीवनभर देखभाल की शर्त रखी। ये मामला अकेलेपन, रिश्तों और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का कारण बन गया है
ये मामला इंटरनेट पर बहस का विषय बन गया है। लोग इस पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
चीन में 78 साल के एक बुजुर्ग की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। उन्होंने अपनी करीब ₹1.4 करोड़ की संपत्ति एक महिला को देने की पेशकश की, लेकिन इसके बदले एक शर्त रखी कि वो महिला उनकी जीवनभर देखभाल करे। इस अनोखे फैसले ने लोगों को हैरान कर दिया है और हर तरफ इस पर बहस शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग लंबे समय से अकेले रह रहे थे और उन्हें अपने जीवन में देखभाल और साथ की जरूरत महसूस हो रही थी। इसी कारण उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया।
इस घटना ने लोगों के बीच बुजुर्गों की देखभाल, अकेलापन और रिश्तों की अहमियत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोग इसे भावनात्मक फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे विवादित समझौता मान रहे हैं। यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सुपरमार्केट बना उनका घर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बुजुर्ग पिछले लगभग 10 सालों से शंघाई के एक सुपरमार्केट में ही रह रहे हैं।
उनके पास अपना घर होने के बावजूद वे वहां नहीं जाते।
वो दिन में स्टोर के अंदर आराम करते हैं और रात में स्टाफ एंट्री के पास सो जाते हैं। वो खुद को “भिखारी नहीं, बल्कि एक अकेला घुमक्कड़” बताते हैं।
तलाक और अकेलेपन ने बदल दी पूरी जिंदगी
साल 2000 में तलाक के बाद उन्हें अकेले रहने का डर सताने लगा।
इसी डर के कारण उन्होंने अपने छोटे से अपार्टमेंट में रहना छोड़ दिया और सुपरमार्केट को ही अपना ठिकाना बना लिया।
एक महिला बनी जिंदगी का सहारा
साल 2021 में उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया, जब उनकी मुलाकात एक महिला ह्वांग से हुई, जो वहां के सुपरमार्केट में काम करती थी।
ह्वांग ने उनकी मदद करनी शुरू की—खाना देना, देखभाल करना और रोजमर्रा की जरूरतों में साथ देना।
बदले में संपत्ति देने का फैसला
देखभाल से प्रभावित होकर बुजुर्ग ने तय किया कि वे अपना फ्लैट ह्वांग को दे देंगे।
वो उसे अपनी बेटी जैसा मानने लगे और चाहते थे कि वो आगे भी उनकी देखभाल करती रहे।
परिवार का विरोध और कोर्ट की एंट्री
लेकिन ये फैसला उनके बेटे को बिल्कुल पसंद नहीं आया। उसने आरोप लगाया कि महिला उनके पिता को प्रभावित कर रही है।
मामला अदालत तक पहुंचा और आखिरकार कोर्ट ने संपत्ति का अधिकार बेटे के पक्ष में दे दिया।
पैसे और देखभाल पर नई बहस
इसके बाद बुजुर्ग ने बेटे से कहा कि वो महिला की देखभाल के लिए खर्च दे, लेकिन बेटे ने इसे मानने से इनकार कर दिया।
वहीं महिला ने कहा कि वह बुजुर्ग की देखभाल तब तक करती रहेगी, जब तक वो चाहेंगे।
सोशल मीडिया पर गरमागरम चर्चा
ये मामला इंटरनेट पर बहस का विषय बन गया है। लोग इस पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि बिना संपत्ति के क्या कोई इतनी सेवा करता?
वहीं कुछ लोग मानते हैं कि देखभाल का सम्मान और भुगतान दोनों जरूरी हैं।