59 साल की उम्र में जब मे ली अंटार्कटिका पहुंचीं, तो उनकी नई नौकरी में टेक्नोलॉजी या ऑफिस का काम नहीं, बल्कि फोर्कलिफ्ट, कार्गो और जमा देने वाली ठंड उनका इंतजार कर रही थी। मैकमर्डो रिसर्च स्टेशन पर उन्होंने सामान संभालने का काम शुरू किया। खास बात यह है कि इससे पहले ली ने करीब 30 साल ह्यूलेट-पैकार्ड (HP) जैसी टेक्नोलॉजी कंपनी में काम किया था और उन्हें उम्मीद थी कि वह इसी कंपनी से रिटायर होंगी। उनकी आगे की कहानी बताती है ली के अंटार्कटिका पहुंचने के बाद के अनुभव, वहां के काम और बेहद ठंडे माहौल में जिंदगी कैसे बदली, इसकी कई दिलचस्प बातें भी सामने आती हैं।
