AI चैटबॉट्स ने रोजमर्रा की जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। चाहे ईमेल लिखना हो, किसी विषय को समझना हो, पढ़ाई में मदद चाहिए हो या ट्रैवल प्लान बनाना हो, लोग हर छोटे-बड़े काम के लिए AI का सहारा लेने लगे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यह कुछ ही सेकंड में जवाब और सुझाव उपलब्ध करा देता है। यही कारण है कि लाखों लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे अपनी समस्याएं AI के सामने विस्तार से लिख देते हैं या जरूरी दस्तावेज भी अपलोड कर देते हैं।
हालांकि, AI का इस्तेमाल करते समय उतनी ही सावधानी बरतना जरूरी है, जितनी किसी ऑनलाइन सेवा का उपयोग करते समय रखी जाती है। कई बार सुविधा और जल्दबाजी के कारण लोग ऐसी निजी या संवेदनशील जानकारी साझा कर बैठते हैं, जिसे किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचना चाहिए। इसलिए AI से मदद लेते समय यह समझना जरूरी है कि कौन-सी जानकारी साझा करना सुरक्षित है और किन बातों को हमेशा अपने तक ही सीमित रखना बेहतर होता है।
अगर लॉगिन में दिक्कत आ रही है या बैंकिंग से जुड़ा कोई सवाल है, तो केवल समस्या बताएं। अपना पासवर्ड, OTP, PIN, कार्ड नंबर, CVV या बैंक अकाउंट की जानकारी कभी भी AI में दर्ज न करें। AI को आपकी परेशानी समझने के लिए इन गोपनीय जानकारियों की जरूरत नहीं होती।
पासपोर्ट, आधार कार्ड, PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज आपकी पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी रखते हैं। अगर किसी फॉर्म या डॉक्यूमेंट को समझना है, तो पहले उसमें से दस्तावेज नंबर, पता, जन्मतिथि और हस्ताक्षर जैसी जानकारी छिपा दें। इससे आपकी पहचान सुरक्षित रहेगी।
ऑफिस की गोपनीय रिपोर्ट, क्लाइंट डेटा, बिजनेस प्लान या मीटिंग नोट्स AI पर अपलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। इसी तरह किसी दोस्त, सहकर्मी या परिवार के सदस्य की निजी जानकारी भी उनकी अनुमति के बिना साझा न करें। जरूरत हो तो असली नाम और पहचान की जगह सामान्य शब्द या प्लेसहोल्डर का इस्तेमाल करें।