AI ने बताई फर्जी फ्रैक्चर, ऑपरेशन से पहले डॉक्टर ने पकड़ी गलती, वायरल हुआ मामला

AI की गलत रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर एक मामला चर्चा में है। एक यूजर ने दावा किया कि उसकी मां की दूसरी सर्जरी लगभग गलत AI जांच के कारण होने वाली थी। डॉक्टर की समय पर जांच से बड़ी गलती टल गई। इस घटना ने मेडिकल क्षेत्र में AI के इस्तेमाल और इंसानी निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 3:08 PM
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल किस सीमा तक होना चाहिए।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आज तेजी से हर क्षेत्र में बढ़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं में इसके प्रयोग को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में एक यूजर ने दावा किया कि AI की गलत रिपोर्ट के कारण उसकी बुजुर्ग मां की अनावश्यक सर्जरी की तैयारी शुरू हो गई थी। यूजर के अनुसार, उनकी मां का पहले जांघ की हड्डी टूटने के बाद ऑपरेशन हुआ था। बाद में अस्पताल ने एक्स-रे जांच के लिए AI सिस्टम की मदद ली, जिसने कथित तौर पर एक ऐसी फ्रैक्चर की पहचान कर दी जो मौजूद नहीं थी।

हालांकि, सर्जरी से पहले डॉक्टर ने रिपोर्ट की दोबारा जांच की और गलती पकड़ ली। इस घटना ने AI पर निर्भरता, मेडिकल फैसलों में इंसानी निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

'कंप्यूटर की गलती से बुजुर्ग मां की दूसरी सर्जरी हो जाती'


यूजर ने अपनी पोस्ट में बताया कि अगर डॉक्टर समय पर जांच नहीं करते तो उनकी 70 साल से ज्यादा उम्र की मां को बिना जरूरत दूसरी सर्जरी से गुजरना पड़ सकता था। उन्होंने इस घटना को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम के गलत निष्कर्ष पर इतना बड़ा मेडिकल फैसला लिया जा सकता था। हालांकि, इस घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस पोस्ट ने AI और मेडिकल फैसलों को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

क्या AI डॉक्टर की मदद करे या फैसले ले?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल किस सीमा तक होना चाहिए। कई लोगों का मानना है कि AI डॉक्टरों के लिए एक उपयोगी टूल हो सकता है, जो जांच में मदद कर सकता है और गलतियां पकड़ने में सहायक बन सकता है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि मरीजों से जुड़े गंभीर फैसले पूरी तरह AI पर नहीं छोड़े जा सकते। अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर की विशेषज्ञता और जांच पर आधारित होना चाहिए।

Mayo Clinic AI विवाद का भी आया जिक्र

वायरल पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने Mayo Clinic से जुड़े एक मुकदमे का जिक्र किया।कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अस्पताल की पूर्व AI अनुपालन प्रमुख ट्रेसी तामिको एटो ने AI सिस्टम से जुड़े सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी सवाल उठाए थे। आरोपों के मुताबिक, AI सिस्टम की गलतियों और प्रदर्शन को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। हालांकि, Mayo Clinic ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि उसकी रिसर्च और मेडिकल प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार होती हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

वायरल पोस्ट के बाद इंटरनेट यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए। कुछ लोगों ने AI के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेडिकल रिकॉर्ड और मरीजों की जानकारी से जुड़े मामलों में ज्यादा सावधानी जरूरी है। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि AI को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। उनका मानना है कि अगर डॉक्टर AI की रिपोर्ट को एक अतिरिक्त जांच के रूप में इस्तेमाल करें तो यह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बना सकता है।

लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

कुछ यूजर्स ने अपने अनुभव भी साझा किए। एक व्यक्ति ने बताया कि उनके परिवार के डेंटल एक्स-रे को AI ने गलत तरीके से जांचते हुए कई कैविटी बताई थीं, जबकि दूसरी राय लेने पर स्थिति अलग निकली। एक अन्य यूजर ने कहा कि AI का इस्तेमाल जांच में मदद के लिए अच्छा है, लेकिन बिना इंसानी निगरानी के इसका इस्तेमाल बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

AI और हेल्थकेयर का भविष्य

AI तेजी से मेडिकल क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है, लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि तकनीक पर भरोसा कितना किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि AI डॉक्टरों का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक उपकरण होना चाहिए। मरीजों की जिंदगी से जुड़े फैसलों में इंसानी समझ और अनुभव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।

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