हवाई यात्रा के दौरान यात्री अपने सामान को एयरलाइन के भरोसे सौंपते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह सुरक्षित हालत में गंतव्य तक पहुंचेगा। लेकिन कई बार लापरवाही के आरोप ऐसे भरोसे पर सवाल खड़े कर देते हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। एक फिल्ममेकर ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उनका महंगा कैमरा उपकरण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि उन्होंने पहले से ही एयरलाइन कर्मचारियों को उसके नाजुक होने की जानकारी दी थी। घटना के बाद उन्होंने न केवल अपनी शिकायत दर्ज कराई, बल्कि पूरे मामले को सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने यात्रियों के सामान की सुरक्षा और एयरलाइंस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। वहीं, इस मामले पर एयरलाइन की प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में आ गया।
पहले ही दी थी 'Fragile' सामान की जानकारी
फ्रीलांस फिल्ममेकर समीर पंजाबी के मुताबिक, 20 जुलाई को गोवा से मुंबई की उड़ान के दौरान उन्होंने अपना ट्राइपॉड चेक-इन किया था। उन्होंने स्टाफ को साफ तौर पर बताया था कि यह करीब ₹55,000 का किराए पर लिया गया उपकरण है और इसे बेहद सावधानी से संभालने की जरूरत है।
मुंबई पहुंचते ही उड़े होश
समीर का आरोप है कि मुंबई पहुंचने के बाद जब उन्होंने अपना सामान लिया, तो ट्राइपॉड पूरी तरह टूटा हुआ मिला। उन्होंने तुरंत एयरलाइन के कस्टमर सर्विस डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां उन्हें करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें निराशाजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा।
₹55 हजार के नुकसान पर सिर्फ ₹5 हजार का मुआवजा!
समीर के अनुसार, एयरलाइन ने कंपनी की नीति का हवाला देते हुए केवल ₹5,000 मुआवजा देने की पेशकश की। उनका कहना है कि यह ट्राइपॉड किराए का था और अब उन्हें उसके मालिक को पूरे नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी। एयरलाइन कर्मचारियों ने बताया कि मुआवजा तय करते समय सामान की मौजूदा कीमत और कंपनी की SOP के अनुसार राशि निर्धारित की जाती है।
सामान फेंकने का वीडियो भी किया शेयर
समीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कथित तौर पर ग्राउंड स्टाफ विमान से सामान उतारने के बाद उसे फेंकते हुए नजर आ रहा है। उनका दावा है कि जब उन्होंने यह वीडियो अधिकारियों को दिखाया, तो उन्हें जवाब मिला कि सामान लोड और अनलोड करने का यही सामान्य तरीका है।यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करने वाली लगी।
सोशल मीडिया पर उठी जवाबदेही की मांग
अपनी पोस्ट में समीर ने कहा कि यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा और उचित मुआवजे का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने एयरलाइन से पूरे मामले की जांच करने और वास्तविक नुकसान के अनुसार मुआवजा देने की मांग की।
मामला वायरल होने के बाद एयरलाइन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए समीर से माफी मांगी और आगे की जांच के लिए उनका PNR साझा करने का अनुरोध किया।
यूजर्स बोले- उचित मुआवजा मिलना चाहिए
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने समीर का समर्थन किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऑनलाइन जवाब देने से ज्यादा जरूरी है कि एयरलाइन यात्रियों की शिकायतों का सही समाधान करे। वहीं कई लोगों ने उन्हें जल्दबाजी में ₹5,000 का मुआवजा स्वीकार न करने की सलाह भी दी।