Allahabad HC Sparks Debate: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विवादित टिप्पणी पर लोगों ने नाराजगी जताई है। हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि किसी लड़की के स्तनों को पकड़ना, उसके पाजामे का नाड़ा तोड़ना और उसे पुलिया के नीचे खींचने का प्रयास करना रेप या रेप की कोशिश का आरोप लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यह केवल यौन उत्पीड़न की कैटेगरी में आता है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच का ये फैसला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने यूपी के कासगंज के पटियाली थाने में दर्ज मामले में आकाश और पवन की याचिका पर की।
