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टैरिफ से बचने का सॉलिड प्लान, एपल ने चार्टर्ड फ्लाइट से अमेरिका भेजा 15 लाख iPhone

अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए हर देश और हर कंपनी अपने-अपने हिसाब से स्ट्रैटेजी तैयार कर रहे हैं। टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी एपल (Apple) ने तो इसे लेकर भारत से चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट्स के जरिए 600 टन यानी 15 लाख आईफोन अमेरिका में मंगा लिए। एपल ने यह निजी रणनीति ट्रम्प के टैरिफ से बचने और अमेरिका में अपने आईफोन की इन्वेंट्री बनाने के लिए तैयार की है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 11, 2025 पर 2:27 PM
टैरिफ से बचने का सॉलिड प्लान, एपल ने चार्टर्ड फ्लाइट से अमेरिका भेजा 15 लाख iPhone
Apple दुनिया भर में हर साल 22 करोड़ से अधिक iPhone बेचती है।

अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए हर देश और हर कंपनी अपने-अपने हिसाब से स्ट्रैटेजी तैयार कर रहे हैं। टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी एपल (Apple) ने तो इसे लेकर भारत से चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट्स के जरिए 600 टन यानी 15 लाख आईफोन अमेरिका में मंगा लिए। एपल ने यह निजी रणनीति ट्रम्प के टैरिफ से बचने और अमेरिका में अपने आईफोन की इन्वेंट्री बनाने के लिए तैयार की है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों से मिली है। एक iPhone 14 और उसके चार्जिंग केबल का पैक किया हुआ वजन लगभग 350 ग्राम (12.35 औंस) है।

iPhone बनाने वाली Apple ने भारत से किया यह अनुरोध

चूंकि एपल चीन से आयात पर बहुत अधिक निर्भर है तो एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी टैरिफ के चलते आईफोन के भाव तेजी से बढ़ सकते हैं। चीन पर अमेरिका के 125 फीसदी का टैरिफ लगाया हैं। वहीं भारत पर फिलहाल 10 फीसदी का टैरिफ लगा हुआ है और 26 फीसदी के अतिरिक्त टैरिफ पर 90 दिनों की रोक है। अब सूत्रों के मुताबिक एपल टैरिफ को मात देना चाहती है और इसके लिए कंपनी ने भारतीय हवाई अड्डा अधिकारियों से चेन्नई हवाई अड्डे पर कस्टम्स क्लियर करने का समय 30 घंटे से घटाकर छह घंटे करने की मांग की। चेन्नई में "ग्रीन कॉरिडोर" व्यवस्था अपनाई गई, जिसे एप्पल ने चीन में कुछ हवाई अड्डों पर अपनाया था। मार्च से अब तक छह कार्गो जेट्स 100 टन क्षमता के साथ उड़ान भर चुके हैं। इनमें से एक इस सप्ताह उस समय उड़ान भरा जब नए टैरिफ लागू हुए।

भारत और चीन से इतना आईफोन जाता है अमेरिका

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