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April Fool’s Day: 1 अप्रैल को ही क्यों मनाते हैं अप्रैल फूल डे? वजह जानकर आप भी नहीं रोक पाएंगे हंसी

April Fool’s Day: हर साल 1 अप्रैल को दुनियाभर में अप्रैल फूल्स डे मनाया जाता है। इस दिन लोग दोस्तों और परिवार वालों के साथ मजेदार प्रैंक्स करते हैं और हल्के-फुल्के मजाक से एक-दूसरे को उल्लू बनाते हैं। खास बात ये है कि इस दिन के मजाक को कोई बुरा नहीं मानता। आइए, इस दिन का इतिहास जानते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 01, 2025 पर 11:53 AM
April Fool’s Day: 1 अप्रैल को ही क्यों मनाते हैं अप्रैल फूल डे? वजह जानकर आप भी नहीं रोक पाएंगे हंसी
April Fool's Day 2025: हर साल 1 अप्रैल काे दुनियाभर में अप्रैल फूल डे मनाया जाता है।

हर साल 1 अप्रैल को पूरी दुनिया हंसी और मजाक से गूंज उठती है, क्योंकि इस दिन मनाया जाता है 'अप्रैल फूल डे'। ये दिन खास होता है, जब लोग अपने दोस्तों, परिवार और सहकर्मियों के साथ हल्के-फुल्के मजाक करते हैं, शरारतें करते हैं और फिर बड़ी खुशी से कहते हैं "अप्रैल फूल।" इस दिन लोग झूठी खबरें फैलाते हैं, अजीबोगरीब प्रैंक प्लान करते हैं और दूसरों को हंसी का पात्र बना देते हैं। सभी इस दिन का पूरा लुत्फ उठाते हैं और अपनी क्रिएटिविटी से एक-दूसरे को बेवकूफ बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये मजेदार दिन क्यों मनाया जाता है? अप्रैल फूल डे की शुरुआत कहां और कैसे हुई?

इस दिन का इतिहास क्या है और क्यों हर साल 1 अप्रैल को पूरी दुनिया हंसी-मजाक में डूबी रहती है?आइए जानते हैं इस दिन के रोमांचक इतिहास और कुछ मजेदार प्रैंक आइडियाज, जिन्हें आप अपने दोस्तों और परिवार को भेज सकते हैं और उन्हें हंसी से लोटपोट कर सकते हैं।

अप्रैल फूल डे का इतिहास

अप्रैल फूल डे के पीछे कई दिलचस्प कहानियां जुड़ी हुई हैं। इसकी शुरुआत 1381 में हुई मानी जाती है। कहा जाता है कि इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की घोषणा 32 मार्च की तारीख पर की गई थी। लोगों ने इस खबर पर विश्वास कर लिया और उत्सव की तैयारियों में जुट गए। लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि कैलेंडर में 32 मार्च जैसी कोई तारीख नहीं होती। तब जाकर उन्हें समझ आया कि उन्हें बेवकूफ बनाया गया है। यही मजाक आगे चलकर अप्रैल फूल डे के रूप में मशहूर हो गया। ब्रिटेन से शुरू हुआ ये प्रचलन धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया। स्कॉटलैंड में इसे दो दिनों तक मनाया जाता है, जहां मजाक करने वालों को गॉक्स (कोयल पक्षी) कहा जाता है।

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