बेंगलुरु में 30 लाख के पैकेज में भी गुजारा मुश्किल! टेकी ने शेयर किया महीने के खर्चों का पूरा ब्योरा, सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस

Bengaluru Salary Debate: इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने असहमति जताई और बेंगलुरु में रहने के खर्च का विस्तृत विश्लेषण पेश किया। एक यूजर के अनुसार, 30 लाख के पैकेज पर महीने की इन-हैंड सैलरी लगभग 2.1 लाख रुपये होती है, जो किसी भी व्यक्ति के सामान्य खर्चों के लिए के लिए काफी है

अपडेटेड May 03, 2026 पर 12:20 PM
Story continues below Advertisement
कुछ यूजर्स ने सीधे तौर पर कहा कि 30 लाख की सैलरी पर संघर्ष करना आय की कमी नहीं, बल्कि खराब फाइनेंशियल प्लानिंग का नतीजा है

Bengaluru Cost of Living: बेंगलुरु को भारत का सिलिकॉन वैली कहा जाता है। नए-नए स्टार्टअप और टेक दिग्गजों की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाला यह शहर इन दिनों एक खास वजह के लिए चर्चा में बना हुआ है। बात ये है कि बेंगलुरु में रहने का खर्च इन दिनों इंटरनेट पर चर्चा का गर्म विषय बना हुआ है। हाल ही में एक टेक पेशेवर के सोशल मीडिया पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है, जिसमें दावा किया गया है कि बेंगलुरु जैसे शहर में 30 लाख रुपये सालाना का वेतन भी एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है।

वायरल पोस्ट में क्या था दावा?

'X' यूजर शशि सचान ने अपने एक पोस्ट में लिखा, 'बेंगलुरु में 30 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति कैसे रह सकता है?' घर का किराया, बच्चों की स्कूल फीस और ग्रॉसरी के दाम फिलहाल आसमान छू रहे हैं। उन्होंने अपने खर्चों का एक विस्तृत ब्योरा शेयर करते हुए लिखा कि, अब घर चलाने के लिए अब केवल वर्क फ्रॉम होम (WFH) यानी अपने पैतृक घर में रहना या साइड इनकम के लिए दूसरा काम करना ही एकमात्र रास्ता बचा है।


बेंगलुरु में मासिक खर्च का ब्रेकडाउन

किराया (2BHK) ₹35,000 – ₹45,000
स्कूल फीस  ₹7,000 – ₹12,500
किराना  ₹12,000 – ₹18,000
यातायात ₹3,000 – ₹5,000 (मेट्रो और टू-व्हीलर)
बिजली-पानी ₹5,000
कुल फिक्स खर्च ₹65,000 – ₹85,000

यूजर्स ने मनी मैनेजमेंट का पढ़ा दिया पाठ

इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने असहमति जताई और बेंगलुरु में रहने के खर्च का विस्तृत विश्लेषण पेश किया। एक यूजर के अनुसार, 30 लाख के पैकेज पर महीने की इन-हैंड सैलरी लगभग 2.1 लाख रुपये होती है, जो किसी भी व्यक्ति के सामान्य खर्चों के लिए के लिए काफी है।

बहस में यह बात भी निकलकर आई कि फाइनेंशियल संतुष्टि केवल सैलरी पर नहीं, बल्कि खर्च करने के तरीकों पर निर्भर करती है। प्रीमियम इलाकों जैसे इंदिरानगर या कोरमंगला के बजाय अन्य जगहों पर रहकर किराया बचाया जा सकता है। कुछ यूजर्स ने सीधे तौर पर कहा कि 30 लाख की सैलरी पर संघर्ष करना आय की कमी नहीं, बल्कि खराब वित्तीय योजना का नतीजा है। उन्होंने बेहतर मनी मैनेजमेंट के लिए पर्सनल फाइनेंस किताबें पढ़ने की सलाह भी दे दी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।