ओवरटाइम किया तो बॉस हो गया नाराज! UK ऑफिस के वर्क कल्चर ने भारतीय टेकी को किया शॉक

अक्सर वर्क कल्चर में देर रात तक काम करना और छुट्टियों या ऑफिस आवर्स के बाद भी मैसेज का जवाब देना, एक्टिव रहना मेहनत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन यूरोपीय देशों खासकर ब्रिटेन (UK) में वर्क लाइफ बैलेंस का अलग ही नजरिया देखने को मिला है।

अपडेटेड Jul 31, 2026 पर 10:33 PM
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UK ऑफिस के वर्क कल्चर ने भारतीय टेकी को किया शॉक

अक्सर वर्क कल्चर में देर रात तक काम करना और छुट्टियों या ऑफिस आवर्स के बाद भी मैसेज का जवाब देना, एक्टिव रहना मेहनत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन यूरोपीय देशों खासकर ब्रिटेन (UK) में वर्क लाइफ बैलेंस का अलग ही नजरिया देखने को मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना ऐसा अनुभव शेयर किया है जो चर्चा का विषय बन गया है। ब्रिटेन के एक सीनियर डेवलपर के साथ काम कर रहे इस भारतीय टेकी को देर रात काम करने पर अपने बॉस से तारीफ मिलने के बजाय ऐसी चेतावनी मिली कि उसे अपना वर्क स्टाइल बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

क्या है पूरा मामला और क्यों मिली चेतावनी?

ओम नाम के एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि वह इंग्लैंड स्थित एक सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर काम करता है। भारत और ब्रिटेन के समय में अंतर होने के कारण जब भी यूके का सीनियर डेवलपर उसके कोड का रिव्यू करता था और उस पर कमेंट छोड़ता था तो ओम तुरंत उसका जवाब दे देता था। भारत में उस समय रात के 9 या 10 बज रहे होते थे। ओम ने बताया कि एक दिन मेरे सीनियर ने इस बात पर ध्यान दिया और मुझसे पूछा कि क्या मैं काम के घंटों के अलावा भी काम कर रहा हूं। जब मैंने हां कहा तो बॉस ने मुझे चेताया।


'7 बजे के बाद रिप्लाई किया तो एक हफ्ते नहीं करूंगा PR रिव्यू'

बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद जब भारतीय टेकी ने ऑफिस आवर्स के बाद कमेंट्स का जवाब देना जारी रखा तो यूके के सीनियर डेवलपर ने सख्त रुख अपनाया। ओम ने पोस्ट में लिखा कि एक दिन उन्होंने कहा कि अगर तुमने भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद मेरे कमेंट्स का दोबारा जवाब दिया तो मैं पूरे एक हफ्ते तक तुम्हारे पीआर (Pull Request) का रिव्यू नहीं करूंगा।'

बॉस की इस अनोखी और सख्त हिदायत का असर हुआ। ओम ने बताया कि 'अब मैं जानबूझकर जवाब देने के लिए अगले दिन का इंतजार करता हूं। हालांकि मैं कभी-कभी अभी भी काम कर लेता हूं, लेकिन इस घटना ने मुझे अहसास कराया कि वे काम से इतर अपनी पर्सनल लाइफ को कितनी प्राथमिकता देते हैं। सच कहूं तो, उन्हें मुझसे ज्यादा मेरे वर्क-लाइफ बैलेंस की परवाह थी, जो बहुत अच्छा था।'

इंटरनेट पर छिड़ी बहस, यूजर्स ने शेयर किए अपने अनुभव

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और अन्य भारतीय यूजर्स ने भी विदेशी बॉस और यूरोपीय वर्क कल्चर के साथ अपने ऐसे ही अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा कि शुक्रवार को जब मैंने एक पीआर रेज किया तो मेरे रोमानियाई सहकर्मी ने मुझसे लैपटॉप बंद करने को कहा। उस दिन मैंने सीखा कि कभी किसी भारतीय कंपनी या मैनेजर के लिए काम मत करो। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि' मेरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से रात 11:30 बजे तक है। मैंने चर्चा के लिए एक अमेरिकी सीनियर आर्किटेक्ट को कॉल किया और कहा कि मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा। उन्होंने जवाब दिया कि हां, तुम्हें ज्यादा समय लेना भी नहीं चाहिए!' मैं शर्मिंदा हो गया फिर उन्होंने आगे कहा कि तुम्हारे काम के घंटे खत्म हो चुके हैं, तुम्हें काम नहीं करना चाहिए।'

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