क्या आपने कभी ऐसा पेड़ देखा है, जिसके तने पर पत्तों की जगह हजारों सिक्के जड़े हों? पहली नजर में यह किसी फिल्म का दृश्य या कलाकार की बनाई हुई कलाकृति लग सकती है, लेकिन हकीकत इससे भी ज्यादा दिलचस्प है। ब्रिटेन के कई हिस्सों में ऐसे पेड़ मौजूद हैं, जो सालों से लोगों की उत्सुकता का केंद्र बने हुए हैं। इन पेड़ों को देखकर हर किसी के मन में एक ही सवाल उठता है कि आखिर लोग पेड़ों में सिक्के क्यों ठोकते हैं और इसके पीछे क्या राज छिपा है? इन रहस्यमयी पेड़ों से जुड़ी मान्यताएं, लोककथाएं और परंपराएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं।
आज भी हजारों पर्यटक इन्हें देखने पहुंचते हैं और इनकी अनोखी कहानी जानने की कोशिश करते हैं। आखिर इन पेड़ों का रहस्य क्या है और क्यों इन्हें दुनिया के सबसे अनोखे आकर्षणों में गिना जाता है, आइए जानते हैं।
ब्रिटेन के इन पेड़ों को क्यों कहते हैं 'मनी ट्री'?
इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में कई ऐसे पेड़ मौजूद हैं जिन्हें 'मनी ट्री' या 'विशिंग ट्री' कहा जाता है। इनमें सबसे प्रसिद्ध पेड़ नॉर्थ वेल्स के खूबसूरत गांव पोर्टमेइरियन में है, जहां पेड़ का तना सिक्कों से पूरी तरह ढका हुआ दिखाई देता है।
300 साल पुरानी है यह अनोखी परंपरा
इस अनोखी परंपरा की शुरुआत 18वीं सदी में मानी जाती है। उस समय लोगों का विश्वास था कि पेड़ में सिक्का ठोकने से सौभाग्य, अच्छी सेहत और खुशहाली मिलती है। कई लोग यह भी मानते थे कि पेड़ उनकी बीमारी अपने अंदर समा लेता है और वे स्वस्थ हो जाते हैं।
सिक्का निकालना क्यों माना जाता था अशुभ?
लोककथाओं के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति इन पेड़ों से सिक्का निकाल लेता था तो उसे दुर्भाग्य और बीमारी का सामना करना पड़ सकता था। इसी डर के कारण लोग सदियों से इन सिक्कों को छेड़ने से बचते रहे हैं।
इच्छाएं पूरी करने की अनोखी मान्यता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परंपरा प्राचीन पैगन संस्कृति से जुड़ी हुई है। जिस तरह लोग फव्वारों में सिक्के डालकर मनोकामनाएं मांगते हैं, उसी तरह यहां पेड़ों में सिक्के ठोककर अपनी इच्छाएं पूरी होने की कामना की जाती थी।
यहां आज भी मौजूद हैं सदियों पुराने सिक्के
स्कॉटलैंड के आइल मारी (Isle Maree) स्थित सेंट मेलरुबा के प्राचीन अवशेषों के पास मौजूद मनी ट्री सबसे चर्चित उदाहरणों में से एक है। माना जाता है कि क्वीन विक्टोरिया ने भी 1877 में यहां एक सिक्का लगाया था। इस पेड़ में आज भी लगभग 200 साल पुराने सिक्के देखे जा सकते हैं।
आज भी बनी हुई है लोगों की आस्था
आज ये रहस्यमयी पेड़ दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि पेड़ों में धातु ठोकने से उन्हें नुकसान पहुंच सकता है, फिर भी ये सिक्कों से ढके पेड़ आज भी लोककथाओं, आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का अनोखा प्रतीक बने हुए हैं।