Business idea: अमेरिका में करोड़ों की सैलरी वाली नौकरी छोड़कर भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेहतर पारिवारिक जीवन, भारत में बढ़ते स्टार्टअप अवसर और कुछ नया करने की चाह लोगों को वापस देश आने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में चेन्नई के युवा उद्यमी विवेक तिरुवेंगडम (Vivek Thiruvengadam) की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
Qubit Fitness के संस्थापक और CEO विवेक तिरुवेंगदम ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में करीब 1 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और परिवार के साथ चेन्नई लौट आए। उस समय उनके पास सिर्फ 90 हजार रुपये की बचत थी। लेकिन उन्होंने इसी रकम से अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया।
विवेक ने इंस्टाग्राम पर अपनी छह साल की यात्रा साझा करते हुए लिखा कि यह फैसला अचानक नहीं था। उनका मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं। बल्कि परिवार के करीब रहना और ऐसा काम करना था, जिसका समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
उन्होंने बताया कि अमेरिका में 14 साल बिताने के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी 11 महीने की बेटी के साथ भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि परिवार के साथ रहकर कुछ नया और सार्थक बनाना किसी बड़ी नौकरी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
Qubit Fitness की कैसे हुई शुरुआत?
जनवरी 2021 में विवेक ने बिना किसी ऑफिस, निवेशक या टीम के Qubit Fitness की शुरुआत की। उनके पास सिर्फ एक लैपटॉप, अपना समय और 90 हजार रुपये की बचत थी। शुरुआती दौर आसान नहीं था। पहले साल कंपनी का कारोबार करीब 20 लाख रुपये तक ही पहुंच पाया, जो अमेरिका में उनकी सालाना आय की तुलना में काफी कम था।
हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। समय के साथ कंपनी का विस्तार हुआ। नए ग्राहक जुड़े, कामकाज बेहतर हुआ और कारोबार बढ़ता गया। भारत लौटने के छह साल बाद विवेक ने वह वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसके लिए उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया था।
अपने अनुभव शेयर करते हुए विवेक ने कहा कि उद्यमिता ने उन्हें सिखाया कि लगातार मेहनत, प्रतिभा से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। धैर्य का फल देर से मिलता है। लेकिन मिलता जरूर है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्देश्य के साथ काम करके कमाया गया पैसा अलग तरह की संतुष्टि देता है।
सफलता का श्रेय परिवार को दिया
विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, ग्राहकों और शुरुआती दिनों में उनका साथ देने वाले लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों के भरोसे और सहयोग की वजह से वह अपने सपने को हकीकत में बदल पाए। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी को लोगों ने खूब सराहा। एक यूजर ने लिखा कि आपकी सफलता के पीछे आपकी अच्छाई और सोच सबसे बड़ी ताकत है।
वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि आपका ब्रांड और सोच लोगों के लिए प्रेरणा है। परिवार के साथ रहकर आगे बढ़ने का आपका फैसला शानदार है। कई अन्य लोगों ने भी विवेक की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें बधाई दी। विवेक का कहना है कि कभी-कभी विश्वास ही आपका इकलौता बिजनेस प्लान होता है। इस यात्रा ने उन्हें सिखाया कि प्रतिभा से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। उद्देश्यपूर्ण काम से मिलने वाली संतुष्टि अलग ही होती है।