किताबें (Books) सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि सोचने का तरीका भी बदल देती हैं। Apple के को-फाउंडर (co-founder) स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) भी किताबें पढ़ने के बेहद शौकीन थे। उनका मानना था कि कुछ किताबों ने उन्हें जिंदगी, काम और नए आइडिया को अलग नजरिए से समझने में मदद की। आइए जानते हैं ऐसी किताबों के बारे में, जिन्हें स्टीव जॉब्स पढ़ने की सलाह देते थे:
Only the Paranoid Survive -Andrew S. Grove
(एंड्रयू एस. ग्रोव की 'ओनली द पैरानॉयड सर्वाइव')
बदलते समय के साथ चलना सीखें: यह किताब बताती है कि अगर समय और नई टेक्नोलॉजी के साथ खुद को नहीं बदला जाए, तो सबसे सफल बिजनेस भी पीछे छूट सकता है। स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) को इसकी यही बात सबसे ज्यादा पसंद थी। उनका मानना था कि बदलाव से डरने के बजाय उसे अपनाना ही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है।
Zen Mind, Beginner's Mind- Shunryu Suzuki
(शुनर्यू सुजुकी की 'जेन माइंड, बिगिनर्स माइंड')
नई सोच के लिए मन को खुला रखें: यह किताब सिम्पलिसिटी, धैर्य और हर नई चीज को सीखने की सोच सिखाती है। स्टीव जॉब्स जेन बौद्ध (Zen Buddhism) धर्म से काफी प्रभावित थे और उनका मानना था कि अगर इंसान हमेशा सीखने की इच्छा रखे, तो वह नए और बेहतर आइडिया पैदा कर सकता है।
The Innovator's Dilemma– Clayton Christensen
(क्लेटन क्रिस्टेंसन की 'द इनोवेटर्स डिलेमा')
सिर्फ आज नहीं, आने वाले कल की भी सोचें: इस किताब में बताया गया है कि कई बड़ी कंपनियां इसलिए पीछे रह जाती हैं, क्योंकि वे सिर्फ तुरंत की सफलता पर ध्यान देती हैं और नए चेंज को समय रहते नहीं अपनातीं। स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) को यह किताब इसलिए पसंद थी क्योंकि यह हमेशा आगे की सोच रखने और नए एक्सपेरिमेंट करने की सीख देती है।
Autobiography of a Yogi – Paramahansa Yogananda
(परमहंस योगानंद की 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी')
खुद को समझना भी है जरूरी: यह किताब स्टीव जॉब्स की सबसे पसंदीदा किताबों में गिनी जाती थी। इसमें ध्यान, आत्मज्ञान (self-realization) और मन की शांति के बारे में आसान तरीके से बताया गया है। जॉब्स का मानना था कि कामयाबी के साथ-साथ मन का शांत और बैलेंस होना भी उतना ही जरूरी है।
King Lear – William Shakespeare
(विलियम शेक्सपियर की 'किंग लियर')
फैसलों का असर समझाती है यह कहानी: यह मशहूर नाटक रिलेशनशिप, ट्रस्ट, पावर और गलत डिसीजन के नतीजों की कहानी है। स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) को यह किताब इसलिए पसंद थी क्योंकि इससे यह सीख मिलती है कि जल्दबाजी या गलत फैसले इंसान की जिंदगी बदल सकते हैं और सही समय पर सही डिसीजन लेना कितना जरूरी होता है।