उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बाढ़ के बीच सामने आई एक तस्वीर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान एक मंदिर में मौजूद पुजारी ने वहां से निकलने से इनकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हुए। पुजारी का कहना था कि वह अपने आराध्य को अकेला छोड़कर नहीं जा सकते। बाढ़ के बीच उनका यह फैसला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो देखने के बाद लोग उनकी आस्था और समर्पण की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
चारों तरफ पानी, मंदिर में क्या हुआ?
लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान प्रशासन की टीम बाढ़ प्रभावित मंदिरों का जायजा लेने पहुंची। एक मंदिर में पुजारी मौजूद मिले। अधिकारियों ने उन्हें बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों ने पुजारी को क्यों समझाया?
बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसी वजह से अधिकारियों ने मंदिर में मौजूद पुजारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वहां से निकलने के लिए कहा। प्रशासन की कोशिश प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की है।
चित्रकूट में बिगड़े बाढ़ के हालात
मंदाकिनी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण रामघाट समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निर्मोही अखाड़ा और टेम्पो स्टैंड के आसपास भी पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
रामघाट में 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित
बाढ़ का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। रामघाट और आसपास की 400 से अधिक दुकानें पानी में डूबने की जानकारी सामने आई है। करीब 20 से 25 होटल भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। दुकानदारों और स्थानीय लोगों के सामने कारोबार के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है।
लोगों की आवाजाही भी हुई मुश्किल
जलभराव के कारण सामान्य रास्तों से आवाजाही प्रभावित हुई है। कई लोगों को कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के आसपास हाथ ठेलों की मदद लेनी पड़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ ने स्थानीय जनजीवन को किस तरह प्रभावित किया है।
वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी चर्चा
पुजारी और प्रशासन के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि बाढ़ जैसी स्थिति में सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।