भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की हालिया टिप्पणी के बाद देशभर में एक नई बहस छिड़ गई है। उनकी अदालत में की गई कुछ सख्त टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने कुछ वर्गों को लेकर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका इशारा देश के युवाओं पर नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री के जरिए सिस्टम में घुसने वालों पर था।
इसी पूरे विवाद के बीच “कॉकरोच” शब्द भी चर्चा में आ गया है और लोग इसके बारे में अजीब और चौंकाने वाले फैक्ट्स शेयर कर रहे हैं। आमतौर पर गंदगी में पाए जाने वाला यह कीड़ा असल में दुनिया के सबसे मजबूत सर्वाइवर में से एक माना जाता है।
बिना सिर के भी जिंदा रह सकता है कॉकरोच
कॉकरोच की खासियत है कि ये बिना सिर के भी कुछ समय तक जिंदा रह सकता है। इसकी वजह है कि ये शरीर के छोटे-छोटे छिद्रों से सांस लेता है, इसलिए सांस लेने के लिए सिर जरूरी नहीं होता। लेकिन पानी न पी पाने की वजह से ये अंत में मर जाता है।
40 मिनट तक सांस रोकने की क्षमता
कॉकरोच लगभग 40 मिनट तक अपनी सांस रोक सकता है और करीब आधे घंटे तक पानी में भी जीवित रह सकता है। यही वजह है कि ये नमी और गीली जगहों में आसानी से पनप जाता है।
शराब की ओर भी आकर्षित होता है कॉकरोच
कॉकरोच की कुछ प्रजातियां बीयर और शराब जैसी चीजों की ओर आकर्षित होती हैं। इनमें मौजूद चीनी और सुगंध उन्हें खींचती है, जो इसे और भी हैरान करने वाला बनाती है।
धरती का सबसे पुराना जीवों में से एक
कॉकरोच लगभग 28 करोड़ सालों से पृथ्वी पर मौजूद है। यानी ये डायनासोर से भी पुराना जीव माना जाता है, जो आज भी पूरी दुनिया में पाया जाता है।
बिना खाने के एक महीने तक जिंदा
कॉकरोच लंबे समय तक बिना भोजन के रह सकता है, लेकिन पानी के बिना सिर्फ एक हफ्ते तक ही जीवित रहता है। इसलिए ये अक्सर बाथरूम, किचन और नमी वाली जगहों में पाया जाता है।