NEET UG 2026 का पेपर रद्द होने के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन और बहस का दौर शुरू हो गया था। इसी बीच दोबारा हुई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल करने वाले पंजाब के छात्र आर्यन गुप्ता का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी मानसिक स्थिति, दोबारा तैयारी और सफलता तक के सफर को लेकर खुलकर बात की। आर्यन ने बताया कि शुरुआत में यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल था और वह इससे काफी भावुक हो गए थे। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने हालात को स्वीकार करते हुए खुद को संभाला और पूरी ताकत के साथ दोबारा तैयारी में जुट गए।
उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में नकारात्मक सोच के बजाय लक्ष्य पर फोकस करना ही सबसे सही रास्ता होता है। साथ ही उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को देते हुए भविष्य के अभ्यर्थियों के लिए भी एक अहम संदेश साझा किया।
22 लाख छात्रों के साथ भी यही हुआ
परिणाम घोषित होने के बाद आर्यन ने कहा कि शुरुआत में उन्हें यह फैसला काफी गलत और अन्यायपूर्ण लगा था। उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैं बहुत निराश था। पेपर रद्द होने पर मैं खूब रोया। लेकिन बाद में मुझे लगा कि यह सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है। सभी छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी है, इसलिए मेरे पास भी खुद को बेहतर साबित करने का एक और मौका है।"
अगले ही दिन से फिर शुरू कर दी तैयारी
आर्यन ने बताया कि उन्होंने ज्यादा समय निराशा में नहीं बिताया। अगले ही दिन से दोबारा पढ़ाई शुरू कर दी और हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उनका कहना है कि लगातार मेहनत और सकारात्मक सोच ने ही उन्हें देश में पहला स्थान दिलाया।
माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
आर्यन ने कहा कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता डॉक्टर हैं और उन्होंने बचपन से ही उन्हें मजबूत आधार दिया। वहीं, कठिन समय में परिवार ने भावनात्मक रूप से उनका पूरा साथ दिया, जिससे वह दोबारा तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।
NEET अभ्यर्थियों को दी खास सलाह
आर्यन ने भविष्य में NEET देने वाले छात्रों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने शिक्षकों पर पूरा भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि उनके पास वर्षों का अनुभव और सही मार्गदर्शन होता है।