फ्रांस के ल्योन की 19 साल की क्लेलिया वर्दिएर ने एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने लोगों को गहरे सोच में डाल दिया है। जून 2025 में एक गंभीर सुसाइड अटेम्प्ट के बाद उन्हें मेडिकल तौर पर कोमा में रखा गया था। करीब तीन हफ्ते बाद जब वह होश में आईं, तो उन्हें यह जानकर बड़ा झटका लगा कि जिन तीन बेटियों को वह अपने जीवन का हिस्सा मान चुकी थीं, उनका असल में कभी अस्तित्व ही नहीं था।
क्लेलिया के अनुसार, कोमा के दौरान उन्हें इतने असली जैसे सपने और भ्रम हुए कि वो सच्चाई से अलग नहीं लगते थे। उन्हें लगा कि उन्होंने तीन बच्चियों—मिला, माइल्स और माईली—को जन्म दिया है। इस अनुभव में दर्द, तनाव, प्यार और खुशी सब कुछ शामिल था, जैसे वो सच में मां बन चुकी हों।
मां बनने का अनुभव और गहरी भावनाएं
उन्होंने बताया कि सपने में उन्हें अपने बच्चों के साथ स्किन-टू-स्किन बॉन्डिंग भी याद है, जिसमें उन्हें बेहद गहरा प्यार महसूस हुआ। समय के साथ उन्हें ऐसा लगा जैसे वो सात साल तक अपनी बेटियों को बड़ा होते हुए देख रही हों। एक बच्ची की मौत भी इसी अनुभव का हिस्सा थी, जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से तोड़ दिया।
जब नींद टूटी तो टूटी पूरी दुनिया
कोमा से बाहर आने के बाद क्लेलिया ने सबसे पहले अपनी बेटियों के बारे में पूछा। लेकिन डॉक्टरों और परिवार ने उन्हें बताया कि वो बच्चे कभी थे ही नहीं। ये सुनकर वो पूरी तरह टूट गईं, क्योंकि उनके लिए यह सिर्फ सपना नहीं बल्कि पूरी जिंदगी थी।
आज भी जुड़ा है दिल उस अनुभव से
कई महीनों बाद भी क्लेलिया उस अनुभव को भूल नहीं पाई हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने सच में एक मां की तरह जीवन जिया है। वो कहती हैं कि उन “काल्पनिक बेटियों” के लिए उनके दिल में हमेशा खास जगह रहेगी।
मेडिकल साइंस के लिए भी रहस्यमय मामला
डॉक्टरों के अनुसार, मेडिकल कोमा से बाहर आने वाले मरीजों को अक्सर बहुत असली जैसे सपने और भ्रम हो सकते हैं। कई बार ये अनुभव इतने वास्तविक लगते हैं कि असल और कल्पना के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है।