Countries Without Trees: हरे-भरे नाम के बावजूद एक भी पेड़ नहीं, जानें आख‍िर कैसे रहते हैं वहां लोग?

Countries Without Trees: “ग्रीनलैंड” नाम सुनकर लगता है हरे-भरे जंगल होंगे, लेकिन हकीकत उलट है। ये दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जहाँ हजारों मील बर्फ और ग्लेशियर फैले हैं। कठोर मौसम और ठंड के कारण यहां कोई पेड़ नहीं उगता। ये जगह प्राकृतिक सुंदरता और ठंडी दुनिया के लिए मशहूर है

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 3:27 PM
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Countries Without Trees: ओमान भी ऐसे देशों में शामिल है जहाँ प्राकृतिक वन लगभग न के बराबर हैं।

“ग्रीनलैंड” नाम सुनते ही दिमाग में हरे-भरे जंगल, खूबसूरत बाग-बगिचे और ताजगी भरी हवाएं आने लगती हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, लेकिन इसके विशाल भू-भाग पर एक भी पेड़ नहीं उगता। यहां हर तरफ केवल सफेद बर्फ और ग्लेशियरों का समुद्र फैला हुआ है। तापमान बेहद कम और मौसम अत्यंत कठोर होने की वजह से पेड़-पौधे पनपने की कल्पना भी असंभव है। यह जगह पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद आकर्षक है, क्योंकि यहां की प्राकृतिक सर्दी और ग्लेशियरों की विशालता अद्भुत दृश्य पेश करती है।

इसके बावजूद, इसका नाम “ग्रीनलैंड” रहस्यपूर्ण प्रतीत होता है, जो इसे और भी दिलचस्प बनाता है। ग्रीनलैंड की ये बंजर और ठंडी दुनिया हमें ये सिखाती है कि प्रकृति की विविधता कितनी अद्भुत और अप्रत्याशित हो सकती है।

कतर


कतर दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार वाला देश है। पूरे देश का भूभाग रेगिस्तान से घिरा है और यहां कोई पेड़-पौधा नहीं। अमीर देशों में कतर अपनी प्राकृतिक संपदा—तेल और मोतियों—की वजह से जाना जाता है, लेकिन फल-फूल उगाने के लिए इसे दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।

ओमान

ओमान भी ऐसे देशों में शामिल है जहाँ प्राकृतिक वन लगभग न के बराबर हैं। 1990 के बाद से यहां वन क्षेत्र लगभग 0% पर बना हुआ है। हालांकि, कुछ कृष‍ि संगठन अब 2,000 हेक्टेयर में कृत्रिम वन लगाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि पर्यावरण को थोड़ा फायदा पहुंच सके।

अंटार्कटिका

अंटार्कटिका धरती की सबसे ठंडी जगह मानी जाती है। यहां का 98% हिस्सा बर्फ से ढका है और तापमान -80 डिग्री तक गिर जाता है। गर्मियों में भी औसत तापमान केवल 20 डिग्री सेल्सियस रहता है। ऐसे मौसम में पेड़-पौधे उगना असंभव है।

जंगलों की लगातार गिरती संख्या

नेचर की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 12,000 साल में धरती पर मौजूद करीब छह खरब पेड़ों में से आधे काट दिए गए हैं। जंगल लगातार घट रहे हैं क्योंकि बढ़ती आबादी उन्हें कब्जे में ले रही है। यूरोप और अमेरिका में हजारों एकड़ जंगल आग की भेंट चढ़ गए। संयुक्त राष्ट्र कई बार चेतावनी दे चुका है, लेकिन इन्हें बचाने की सही कोशिश अभी तक नहीं हुई।

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