भारत में कोरोनावायरस के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात आदि राज्यों में नए मामले सामने आए हैं। अन्य राज्य भी अलर्ट मोड में हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी पूरी तरह सतर्क है और अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। इस बीच महाराष्ट्र के थाणे और कर्नाटक के बेंगलुरु में 1-1 कोरोना मरीज की मौत की खबर है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोविड-19 का मौजूदा वेरिएंट खतरनाक है, क्या जान ले सकता है? आइए जानते हैं तमाम सवालों के जवाब...
इस वक्त कौन सा वेरिएंट कर रहा इनफेक्टेड?
भारत में अभी सबसे आम वेरिएंट JN.1 बना हुआ है। अभी इसी के केस ज्यादा हैं। जांच किए गए नमूनों में 53 प्रतिशत मामले JN.1 के हैं। इसके बाद 26 प्रतिशत केस BA.2 और अन्य 20 प्रतिशत ओमिक्रॉन सबलाइनेज के हैं। इसके अलावा इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्शियम (INSACOG) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के नए उभरते वेरिएंट NB.1.8.1 का एक मामला और LF.7 वेरिएंट के 4 मामले सामने आए हैं।
कोविड का JN.1 वेरिएंट जानलेवा तो नहीं है लेकिन तेजी से फैलने वाला जरूर है। दिल्ली में डॉक्टर्स ने लोगों को कोविड-19 के जेएन.1 वेरिएंट से न घबराने की सलाह दी है और कहा है कि यह वेरिएंट गंभीर नहीं है। ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण ही हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (आईएमए जेडीएन) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान का कहना है कि लोगों को जेएन.1 वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई जानलेवा वेरिएंट नहीं है। हाथ साफ रखना और अस्पताल या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, लोगों के बीच छींकने में स्वच्छता का पालन करना हमेशा बेहतर होता है। लक्षणों की जांच डॉक्टर से करवाना भी महत्वपूर्ण है।सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर अविरल माथुर के मुताबिक, ‘‘यह वेरिएंट बहुत संक्रामक है, हालांकि लक्षण ज्यादातर हल्के ही रहते हैं।’’
NB.1.8.1 और LF.7 वेरिएंट की बात करें तो मई 2025 तक की स्थिति के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने LF.7 और NB.1.8.1 सब-वेरिएंट को निगरानी में रखे जाने वाले वेरिएंट के तौर पर क्लासिफाई किया हुआ है, न कि चिंताजनक वेरिएंट के रूप में। लेकिन ये वे वेरिएंट हैं, जिनकी वजह से चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में कोविड के मामलों में कथित तौर पर वृद्धि हो रही है। भले ही WHO के शुरुआती जोखिम आकलन में NB.1.8.1 को वैश्विक स्तर पर कम सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम वाला माना गया है, लेकिन इसके स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशंस जैसे A435S, V445H और T478I कोविड के अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामकता और इम्युनिटी को अधिक नुकसान का संकेत देते हैं।
महाराष्ट्र में ठाणे में जिस कोविड मरीज की मौत हुई है, वह 21 वर्ष का था और गंभीर डायबिटीज से पीड़ित था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी अन्य बीमारियों के कारण मौत हो गई। डायबिटीज संबंधी जटिलताओं के कारण उसे गुरुवार को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और शुक्रवार रात को उसके कोविड-19 से इनफेक्टेड होने की पुष्टि हुई। शनिवार को उसकी मौत हो गई। वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 84 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। वह भी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त था। उनकी जांच रिपोर्ट शनिवार को आई थी, जिसमें उन्हें कोविड-19 से इनफेक्टेड पाया गया। बुजुर्ग को 13 मई को बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और 17 मई को उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर अविरल माथुर के मुताबिक, रोकथाम सबसे अहम है। लोगों को भीड़भाड़ वाली या बंद जगहों पर मास्क पहनना चाहिए और हाथों को हाथ साफ रखना चाहिए। साथ ही अस्वस्थ होने पर गैरजरूरी यात्रा से बचना चाहिए। सुनिश्चित करें कि बूस्टर डोज सहित आपने वैक्सीन की सभी डोज ले ली हैं।
किस जगह पर अभी तक कितने केस
देश में कोरोनावायरस के 250 से ज्यादा एक्टिव केस सामने आ चुके हैं। कर्नाटक में कोविड-19 के 38 मामले सामने आए हैं, जिनमें से अकेले 32 लोग बेंगलुरु में पाए गए हैं। ठाणे में शनिवार को कोविड19 इनफेक्शन के 8 नए मामले सामने आए। शहर में कोविड-19 के 18 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। मुंबई में मई में कोविड-19 के अब तक 95 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 16 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की रिपोर्ट है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक केस, गाजियाबाद में 4 केस निकले हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के 23 मामले सामने आए हैं। उत्तराखंड के ऋषिकेश में कोरोना वायरस के 2 नए केस मिले हैं, जिनमें से एक गुजरात का यात्री है और अपने घर वापस चला गया है।
हरियाणा में वर्तमान में कोविड-19 के 4 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 2 गुरुग्राम और 2 फरीदाबाद से हैं। मई में केरल में कोविड-19 के 273 मामले सामने आए। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 4 नए मामले सामने आए हैं। 3 विशाखापत्तनम में और एक रायलसीमा क्षेत्र में है। गुजरात में लंबे अंतराल के बाद इस वायरस के 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 13 मामले अहमदाबाद से, एक राजकोट से और एक अहमदाबाद ग्रामीण से है।