दिल्ली की इस महिला के साथ उसके किराएदारों ने कर दिया ₹18 करोड़ का फ्रॉड! किराए पर देते हैं घर तो हो जाएं सावधान

Delhi Fraud News: देश की राजधानी दिल्ली से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। किराएदारों ने मिलकर मकान मालकिन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। एक महिला के साथ उसके किराएदारों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ₹18 करोड़ का लोन ले लिया

अपडेटेड Jul 01, 2026 पर 2:17 PM
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Delhi Fraud News: जालसाजों ने दिल्ली की एक महिला को एक बड़े आइडेंटिटी फ्रॉड का शिकार बना दिया

Delhi Fraud News: अगर आप भी अपना घर या फ्लैट किराए पर देते हैं तो यह घटना आपके लिए एक बड़ा सबक साबित हो सकती है। देश की राजधानी दिल्ली से धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां किराएदारों ने मिलकर मकान मालकिन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की रहने वाली एक महिला के साथ उसके किराएदारों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ₹18 करोड़ का लोन ले लिया और महिला को एक बड़े आइडेंटिटी फ्रॉड का शिकार बना दिया।

11 शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाए ₹18 करोड़

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने मकान मालकिन के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके कई अलग-अलग कंपनियों के नाम पर बैंकों या वित्तीय संस्थानों से लोन के रूप में फंड हासिल किया। इसके बाद इस रकम को चालाकी से छुपाने के लिए 11 शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और बाद में इस भारी-भरकम राशि को निकाल लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।


साल 2012 में किराएदार बनकर आए थे दो शख्स

इस पूरे फ्रॉड की शुरुआत जून 2012 में हुई थी। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार की रहने वाली 55 वर्षीय उषा रानी सेठी ने विवेक विहार के ब्लॉक-डी में दो नए फ्लैट खरीदे थे। वह इन दोनों फ्लैट्स को किराए पर देने के लिए किरायेदारों की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान सचिन और संजय नाम के दो व्यक्ति उषा रानी के पास आए और फ्लैट किराए पर लेने की इच्छा जताई। इनमें से मुख्य आरोपी सचिन ने खुद को एक बिजनेसमैन बताया और दावा किया कि वह जगदंबा मेटल्स नाम की एक मेटल ट्रेडिंग फर्म का मालिक है। संजय ने खुद को सचिन का बिजनेस एसोसिएट बताया।

सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में बकायदा रजिस्टर्ड हुआ था रेंट एग्रीमेंट

पीड़ित महिला उषा रानी सेठी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि मैंने अपने दूसरे फ्लोर का फ्लैट सचिन को करीब 47000 रुपये प्रति महीने के किराए पर दिया था। तीसरे फ्लोर का छोटा फ्लैट संजय को 17000 रुपये प्रति महीने के किराए पर दिया था।

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महिला ने आगे बताया कि दोनों फ्लैटों के रेंट डीड बाकायदा सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में रजिस्टर्ड कराए गए थे। इसके बाद दोनों आरोपी कुछ समय तक वहां किराए पर रहे और फिर फ्लैट खाली करके वहां से चले गए। बाद में महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर इस ₹18 करोड़ के बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया।

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