भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसलिए इससे जुड़े नियमों का हम सभी को पालन करना चाहिए। आमतौर पर लंबी दूरी के लिए लोग ट्रेन के जरिए सफर करना आरामदायक समझते हैं। ऐसे ही ट्रेन में सफर के दौरान आपने कई बार एक पटरी से दूसरी पटरी को जुड़ते हुए भी देखा होगा। आपने शायद यह भी देखा हो कि एक पटरी दूसरी पटरी को क्रॉस करते गुजर रही है। इस बीच भारत में एक ऐसी जगह है। जहां चारो दिशाओं से ट्रेनें आती हैं। कोई एक्सीडेंट नहीं होता। सभी आराम से निकल जाती हैं। ऐसी जगह को डायमंड क्रासिंग कहा जाता है।
इसे सुनकर आप भले ही हैरान रह जाए। इस जगह को ऐसे बनाया जाता है कि ट्रेन बिना टकराए सुरक्षित तरीके से निकल जाएं। रेलवे ट्रेक्स को ट्रेन रूट के हिसाब से सेट किया जाता है। जहां से ट्रेनों को पास किया जाता है। इनको इस हिसाब से सेट किया जाता है कि एक ट्रेन के टाइम पर दूसरी ट्रेन क्रॉस न करे।
नागपुर में है डायमंड क्रासिंग
जिस जगह पर चारों दिशाओं से ट्रेनें आती हैं। यहां एक ही जगह पर चार पटरियां क्रॉस हो रही हैं। इससे यहां पर डायमंड का आकार बनता है। इसलिए इस क्रॉसिंग का नाम डायमंड क्रॉसिंग पड़ गया है। यहां एक ही जगह खड़े होकर रेलवे के चार ट्रैक दिखाई देते हैं। देश में डायमंड क्रासिंग सिर्फ एक ही जगह पर है। वो जगह महाराष्ट्र का नागपुर है। नागपुर में संप्रिती नगर स्थित मोहन नगर डायमंड क्रासिंग मौजूद है। वैसे तो यह 24 घंटे खुली रहती है, लेकिन यहां अधिक देर रूकने नहीं दिया जाता है। इसकी वजह ये है कि यहां आसपास का हिस्सा रेलवे का अंदर आता है। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से ट्रैक के पास खड़े नहीं हो सकते हैं। हालांकि, देश के कई हिस्सों से सैलानी यहां डायमंड क्रॉसिंग को देखने के लिए पहुंचते हैं।
डायमंड क्रासिंग पर कहां-कहां से आती हैं ट्रेनें
यहां चारों दिशाओं से आ रहे रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग ट्रेनों के रूट तय हैं। पूर्व दिशा में गोंदिया से आने वाला ट्रैक हावड़ा-राउरकेला-रायपुर लाइन है। एक ट्रैक यहां दक्षिण भारत से आता है। एक ट्रैक दिल्ली से, जोकि उत्तर दिशा की तरफ से आ रहा है। इस जगह पर पश्चिमी मुंबई से भी एक ट्रैक आकर मिल रहा है। इस तरह यहां एक ही जगह पर चार दिशाओं से ट्रैक आकर मिल रहे हैं। हालांकि, एक ही समय पर दो ट्रेनों का क्रॉस होना संभव नहीं है। लिहाजा क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने का समय अलग-अलग तय किया गया है।