गांव की जिंदगी में बैल और सांड़ दोनों की अपनी अलग पहचान होती है। बैल जहां खेतों में किसान का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है, वहीं सांड़ अपनी ताकत, रौब और आक्रामक स्वभाव के लिए जाना जाता है। दिलचस्प बात ये है कि दोनों की शुरुआत एक ही जगह से होती है, यानी गाय के नर बच्चे बछड़े से। बचपन में दोनों बिल्कुल एक जैसे दिखते हैं, लेकिन समय के साथ उनकी जिंदगी की दिशा बदल जाती है। किसी बछड़े को खेती और मेहनत के काम के लिए तैयार किया जाता है, तो कोई खुला और ताकतवर सांड़ बनकर घूमता है।
