शादी जिंदगी में एक ही बार की जाती है। इसलिए लोग अपनी शादी के ड्रेस, वेन्यू और मेन्यू हर एक छोटी से छोटी चीज को भी परफेक्ट बनाने की कोशिश करते हैं। इसी का नतीजा है डेस्टिनेशन वेडिंग का क्रेज, जो लोगों में खूब देखने को मिलता है। लेकिन लंदन में रहने वाले एक भारतीय जोड़े ने इस मामले में ऐसा कारनामा किया है, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। इन्होंने दुनिया की सबसे पवित्र और संरक्षित विरासत में सात फेरे लिए और साथ जीने-मरने की कस्में खाईं। ये भारतीय दंपति हैं डॉ. मोनिका नैयर और विवेक नंदा। इन दोनों ने मिस्र में गीजा के पिरामिडों के बीच एक निजी शादी समारोह आयोजित कर इतिहास रच दिया है। गीजा के ग्रेट पिरामिड के बीच एक प्राइवेट शादी समारोह आयोजित करने की दुर्लभ अनुमति मिलने के बाद, ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय और दुनिया भर में तीसरे जोड़े बन गए हैं।
कौन हैं डॉ. मोनिका नैयर और विवेक नंदा
डॉ. मोनिका नैयर सेंट्रल लंदन में एक बहुत सम्मानित कॉस्मेटिक डेंटिस्ट हैं, जो एस्थेटिक डेंटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्माइल डिजाइन में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। वह किंग्स कॉलेज लंदन की पूर्व छात्रा हैं और उन्होंने 2016 में डिग्री हासिल की।
वहीं, लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, विवेक जेपी मॉर्गन चेज में वाइस प्रेसिडेंट और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) के पूर्व छात्र हैं। वह अपने व्यापक वैश्विक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। विवेक ने 125 से अधिक देशों की यात्रा की है। उनकी पेशेवर यात्रा ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और शासन की गहरी समझ दी है। दोनों की पहली मुलाकात 2015 में हुई थी। लेकिन, उन्होंने 2020 में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया।
गीजा के पिरामिड में ऐतिहासिक शादी
यह शादी क्रॉस-कल्चरल फ्यूजन का एक अविश्वसनीय प्रयोग था और आखिरकार यह सफल रहा। वोग के अनुसार, मोनिका और विवेक की हल्दी की रस्म सोफिटेल काहिरा एल गेजिरा में हुई। जबकि नील नदी पर दहाब आइलैंड पैलेस में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई। मोनिका और विवेक ने प्राचीन और आधुनिकता को जोड़ते हुए गीजा के पठार पर स्फिंक्स के ठीक नीचे डिनर का आयोजन किया। यहां 180 मेहमान तारों भरे रेगिस्तानी आसमान के नीचे इकट्ठा हुए और नव-दंपति को शुभकामनाएं दीं।