Lohri 2026: सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक लोहड़ी का त्योहार हर साल जनवरी की ठिठुरती ठंड के बीच मनाया जाता है। शाम के समय परिवार, सोसाइटी, मित्र और रिश्तेदार सब आग के चारों ओर जुटते हैं और ढोल और पारंपरिक भांगड़ा-गिद्दा करते त्योहार मनाते हैं। इस त्योहार की खास पेशकश होते हैं तिल, गुड़, गेहूं की बालियां और रेवड़ी। इन्हें लोहड़ी की अग्नि में डाला जाता है और रबी की फसल की अच्छी पैदावार के लिए प्रकृति का धन्यवाद दिया जाता है। यह त्यौहार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
लोहड़ी में बनते हैं ये खास व्यंजन
मूंग, चना दाल, उड़द दाल और चावल की खिचड़ी : लोहड़ी का त्यौहार फसलों की कटाई और नई फसलों की बुवाई से संबंधित है। इसलिए इस दिन लोग चावल की खिचड़ी भी बनाते हैं। इस दिन लोग मूंग, चना दाल, उड़द दाल और चावल से बनी खिचड़ी खाते हैं।
पिन्नी : पंजाब पिन्नी के लिए प्रसिद्ध है। लोहड़ी के दिन भी इन्हें बनाया और परोसा जाता है। पिन्नियां गुड़, मैदा, गोंद, कई सूखे मेवे और घी से बनती हैं और सर्दियों में भी फायदेमंद होती हैं।
मूंगफली और रेवड़ी : लोहड़ी का त्यौहार मूंगफली और रेवड़ी के बिना अधूरा रहता है। इसे गुड़ और मूंगफली की चिक्की के साथ भी परोसा जाता है।
मक्के की रोटी और सरसों का साग : लोहड़ी के अवसर पर मक्के की रोटी और सरसों का साग का आनंद सभी लोग उठाते हैं। सर्दियों के मौसम में यह व्यंजन स्वादिष्ट और सेहतमंद दोनों होता है। इसके साथ ही मीठे चावल, मूंग दाल का हलवा और कच्ची मूली खाने की परंपरा भी है।