Viral Post: ‘मेरा घर 24 घंटे का क्लिनिक नहीं...’ रात में घर से बुलाए गए डॉक्टर ने लिखी ऐसी बात कि सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Viral Post: नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर का एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है। डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में पड़ोसियों या सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए डॉक्टर को घर पर बुलाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस या पर्सनल अस्पताल की एम्बुलेंस को बुलाना चाहिए

अपडेटेड Aug 10, 2026 पर 8:31 PM
मेडिकल इमरजेंसी में पड़ोसियों या सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए डॉक्टर को घर पर बुलाने की कोशिश न करें (Photo: Canva)

नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर का एक मैसेज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की है कि मेडिकल इमरजेंसी होने पर उन्हें घर से बुलाने के बजाय सीधे अस्पताल या एम्बुलेंस की मदद लें। उन्होंने बताया कि, एक रात सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें नींद से जगाया और दूसरे टावर में एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर मदद के लिए बुलाया। इसके बाद डॉक्टर ने लोगों को अपनी स्थिति और इमरजेंसी में सही मदद लेने को लेकर यह संदेश जारी किया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

मेरा घर इमरजेंसी वार्ड नहीं 

डॉक्टर ने ये नोट इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया, जिसमें डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों को बताया, “मैं यह कल रात 11:06 बजे हुई एक गंभीर घटना के बारे में बताने के लिए लिख रहा हूं। उस समय टावर की सिक्योरिटी मुझे मेरे अपार्टमेंट से जगाने के लिए आई थी, क्योंकि दूसरे टावर में एक मेडिकल इमरजेंसी हुई थी।” डॉक्टर ने कहा कि इमरजेंसी में घर पर इलाज की कोशिश करने से जरूरी समय बर्बाद हो सकता है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी सोसाइटी में सभी की सुरक्षा के लिए एक जरूरी बात साफ करना चाहता हूं। मेरा घर एक निजी घर है, 24/7 क्लिनिक या इमरजेंसी वार्ड नहीं है। मेरे घर पर इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरण, मॉनिटर, ऑक्सीजन या इमरजेंसी इंजेक्शन मौजूद नहीं हैं।”


हॉस्पिटल से एम्बुलेंस बुलाएं

डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में पड़ोसियों या सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए डॉक्टर को घर पर बुलाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस या पर्सनल अस्पताल की एम्बुलेंस को बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब कोई मेडिकल क्राइसिस होती है, तो हर एक सेकंड मायने रखता है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में तुरंत स्टैंडर्ड एम्बुलेंस (102/112) या किसी प्राइवेट हॉस्पिटल की एम्बुलेंस बुलाएं और मरीज को नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी रूम में ले जाएं।

उन्होंने आगे कहा, “सीधे सबसे पास के हॉस्पिटल के इमरजेंसी रूम (ER) में जाएं, जहां सही इक्विपमेंट और ऑन-ड्यूटी स्टाफ मौजूद हों। मैं मैनेजमेंट से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे सभी सिक्योरिटी वालों को सख्त निर्देश दें कि वे कभी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए लोगों को किसी के घर न भेजें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

डॉक्टर के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने डॉक्टर का समर्थन करते हुए कहा कि सोसाइटी में रहने वाला डॉक्टर हर समय इमरजेंसी के लिए उपलब्ध नहीं होता। गंभीर हालत में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा, “बिल्कुल सही। इमरजेंसी सिचुएशन को घर पर डॉक्टर भी मैनेज नहीं कर सकते। आम दिक्कतों के लिए OPD कंसल्टेशन लेना चाहिए। इमरजेंसी में एक मिनट भी बहुत कीमती होता है और इसे पड़ोस के डॉक्टर को ढूंढने में बर्बाद नहीं करना चाहिए।”

दूसरे यूजर ने कहा, “पूरी तरह सहमत हूं। मेरे साथ पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। 170 HR वाले मरीज को मेरे पास यह सोचकर भेज दिया गया कि मैं कोई मिनी कैजुअल्टी चला रहा हूं। यह बहुत परेशान करने वाला है। इसी वजह से ज्यादातर डॉक्टर सोसाइटी फ्लैट्स में अपनी पहचान नहीं बताते।”

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