बिहार में रहना चाहते हैं 'डोनाल्ड ट्रंप'! समस्तीपुर में अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर मिला निवास प्रमाण-पत्र का आवेदन

आवेदन में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर के साथ उन्हें जिले के हसनपुर गांव का निवासी बताया गया था। ऐसा लगता है कि शरारत करने वाले ने इंटरनेट पर थोड़ी खोजबीन की थी, क्योंकि माता-पिता का नाम फ्रेडरिक क्राइस्ट ट्रंप और मैरी ऐनी मैकलियोड बताया गया था, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के पिता और माता का असली नाम है

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 8:35 PM
Bihar: समस्तीपुर में अमेरिकी का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर मिला आवासीय प्रमाण-पत्र बनाने का आवेदन

बिहार के समस्तीपुर जिले में ‘डोनाल्ड ट्रंप’ का निवास प्रमाण-पत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया, जिसे राजस्व विभाग ने खारिज कर दिया। जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक FIR दर्ज करने का आदेश दिया है, ताकि शरारत करने वाले व्यक्ति का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया जा सके। एक बयान में प्रशासन ने कहा कि आवासीय प्रमाण-पत्र के लिए 29 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन किया गया था और राजस्व विभाग के संबद्ध अधिकारी ने ‘‘इसे 4 अगस्त को खारिज कर दिया।’’

आवेदन में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर के साथ उन्हें जिले के हसनपुर गांव का निवासी बताया गया था। ऐसा लगता है कि शरारत करने वाले ने इंटरनेट पर थोड़ी खोजबीन की थी, क्योंकि माता-पिता का नाम फ्रेडरिक क्राइस्ट ट्रंप और मैरी ऐनी मैकलियोड बताया गया था, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के असली पिता और माता का नाम है।

प्रशासन ने कहा कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जारी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए यह किया गया।


जून में चुनाव आयोग की ओर से SIR की व्यापक कवायद शुरू किए जाने के बाद से राज्य में इस तरह की यह चौथी घटना है।

हाल में, ग्रामीण पटना में 'डॉग बाबू' और नवादा में 'डॉगेश बाबू' नाम से आवेदन मिले थे। पूर्वी चंपारण जिले में, एक भोजपुरी अभिनेत्री की तस्वीर के साथ 'सोनालिका ट्रैक्टर' के नाम से एक आवेदन मिला था।

उपरोक्त सभी मामलों में आवेदन खारिज कर दिए गए हैं और संबंधित थानों में FIR दर्ज की गई हैं।

समस्तीपुर जिला प्रशासन ने यह भी कहा, ‘‘अपराध की गंभीरता को देखते हुए, उपयुक्त जांच और कार्रवाई के लिए समस्तीपुर के साइबर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया था कि आवेदन के संबंध में ‘‘प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है।’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘यह सबसे बड़ा सबूत है कि बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण एक धोखाधड़ी है, जिसका उद्देश्य वोट चुराना है। कांग्रेस और राहुल गांधी इस साजिश को विफल करने के लिए लड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में चुप रहना एक अपराध है। आइए हम सब अपनी आवाज उठाएं और लोकतंत्र के प्रहरी बनें।’’

इस पर, समस्तीपुर प्रशासन ने कहा, ‘‘प्रमाण-पत्र कभी जारी ही नहीं किया गया। किसी ने जानबूझकर ऐसा आवेदन किया था और जांच के दौरान उसे खारिज कर दिया गया। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।’’

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