कोविड-19 महामारी के बाद काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खासतौर पर फ्रीलांसिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। आज कई लोग अपनी नियमित नौकरी के साथ-साथ कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, वेब डेवलपमेंट या ऑनलाइन ट्यूटरिंग जैसे काम करके अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। यही वजह है कि फ्रीलांसिंग अब साइड इनकम का एक लोकप्रिय जरिया बन चुकी है। हालांकि, कई कर्मचारियों के मन में ये सवाल भी उठता है कि क्या नौकरी करते हुए फ्रीलांस काम करना कानूनी रूप से सही है या इससे कंपनी की नीतियों का उल्लंघन हो सकता है।
क्या नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग करना सही है?
दरअसल, नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग करना पूरी तरह से अवैध नहीं है। लेकिन ये कुछ शर्तों और कंपनी की नीतियों पर निर्भर करता है। कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को पहले ही स्पष्ट कर देती हैं कि वो किस तरह के अतिरिक्त काम कर सकते हैं और किनसे बचना चाहिए। फिलहाल ऐसा कोई सार्वभौमिक कानून नहीं है जो एक व्यक्ति को एक से अधिक काम करने से रोकता हो।
जॉब कॉन्ट्रैक्ट पढ़ना है बेहद जरूरी
किसी भी कंपनी में काम शुरू करने से पहले जॉब कॉन्ट्रैक्ट को ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है। कई कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट में ये शर्त होती है कि कर्मचारी कंपनी के काम से जुड़े किसी प्रतिस्पर्धी प्रोजेक्ट में फ्रीलांसिंग नहीं कर सकते। अगर ऐसा किया गया तो ये कंपनी की नीति के खिलाफ माना जा सकता है।
टाइम मैनेजमेंट का रखें खास ध्यान
अगर आप फ्रीलांसिंग करते हैं तो ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि इसका असर आपकी मुख्य नौकरी पर न पड़े। ऑफिस के समय में केवल कंपनी का काम ही करना चाहिए। फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स को ऑफिस समय के बाहर पूरा करना बेहतर माना जाता है।
कंपनी की गोपनीय जानकारी से रहें दूर
फ्रीलांस काम करते समय कंपनी की कॉन्फिडेंशियल जानकारी जैसे क्लाइंट लिस्ट, डेटा या प्रोजेक्ट डिटेल्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करना कानूनी रूप से गंभीर मामला बन सकता है और इससे नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
अनुमति लेना हो सकता है सुरक्षित विकल्प
कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को साइड हसल करने की अनुमति देती हैं। ऐसे में कंपनी से लिखित मंजूरी लेना सबसे सुरक्षित तरीका होता है। इससे आप बिना किसी परेशानी के अतिरिक्त काम करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।