Gujarat News: गुजरात पंचायत चुनाव में BJP प्रत्याशी की हुई हार, तो 4 दिन के लिए काट दी पूरे गांव की पानी सप्लाई

Gujarat Panchayat Poll News: गुजरात पंचायत चुनाव में हार के बाद एक गांव में चार दिन के लिए पानी की सप्लाई काटने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। BJP प्रत्याशी का पिता उस कमेटी का अध्यक्ष है, जो पानी सप्लाई को कंट्रोल करता है

अपडेटेड May 03, 2026 पर 1:50 PM
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Gujarat Panchayat Poll: BJP प्रत्याशी का पिता उस कमेटी का अध्यक्ष है, जो पानी सप्लाई को कंट्रोल करता है

Gujarat Panchayat Poll 2026: गुजरात के भरूच जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद एक गांव करीब चार दिनों तक पानी से वंचित रहा। आरोप है कि यह सब राजनीतिक हार के बाद बदले की भावना से किया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांबूसर तालुका की कवि-2 सीट से पंचायत चुनाव लड़ने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार शकील अहमद मलिक आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार सोहेल मलिक से हार गए थे।

हार के बाद, शकील मलिक और उनके पिता खालिद मलिक पर देहगाम गांव में पानी की सप्लाई काट देने का आरोप लगा है। AAP के जिला अध्यक्ष पीयूष पटेल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया है कि BJP की ओर से भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।

रिपोर्ट के मुताबिक, पानी की सप्लाई काटने के आरोप में बीजेपी उम्मीदवार शकील मलिक और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा हैकि BJP प्रत्याशी का पिता उस कमेटी का अध्यक्ष है, जो पानी सप्लाई को कंट्रोल करता है।


चार दिन पानी के लिए तड़पते रहे ग्रामीण!

देहगाम करीब 10,000 की आबादी वाला एक प्रमुख गांव है। कथित तौर पर यहां लोगों को 28 अप्रैल से पानी की सप्लाई में पूरी तरह से रुकावट का सामना कर रहा है। 26 अप्रैल को गुजरात नियाक चुनावों के नतीजे घोषित किए गए थे। गांव में पानी की सप्लाई के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार स्थानीय समिति की अगुवाई कथित तौर पर खालिद मलिक करते हैं।

गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत

'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिला पुलिस ने शनिवार को खालिद मलिक और उनके बेटे दोनों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, गांव में पानी का संकट चार दिनों तक जारी रहा, जिसके बाद अधिकारियों ने दखल दिया। पुलिस के दखल के बाद शुक्रवार शाम को गांव में पानी की सप्लाई बहाल कर दी गई, जिससे निवासियों को राहत मिली।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, शकील मलिक ने कथित तौर पर वोटिंग शुरू होने से पहले ही गांव वालों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने उनके पक्ष में वोट नहीं दिया, तो उनकी पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी। इस घटना ने स्थानीय सत्ता के दुरुपयोग और बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर राजनीतिक झगड़ों के असर को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे मामले में आगे की जांच कर रहे हैं।

कांग्रेस हुई हमलावर

कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "गुजरात के पंचायत चुनाव में BJP नेता शकील मालिक की हार हो गई। इस बात से नाराज BJP नेता ने गांव की पानी की सप्लाई रोक दी। हजारों लोग पानी के लिए तड़पते रहे, लेकिन BJP नेता अपनी जिद्द पर अड़ा रहा। 4 दिन तक BJP नेता का मान-मनौवल चलता रहा, तब जाकर पानी की सप्लाई शुरू हुई।"

मुख्य विपक्षी पार्टी ने आगे कहा, "BJP नेता की ये घटिया हरकत मानवता के खिलाफ है, जो बताती है कि BJP के लोग जनता को कीड़े-मकौड़े सा समझते हैं। उन्हें लोगों की दुख-तकलीफों से कोई फर्क नहीं पड़ता। साथ ही BJP नेताओं में इस बात की होड़ है कि कौन ज्यादा गिरेगा, क्योंकि इन्हें मालूम है कि जो ज्यादा गिरेगा, वही BJP में आगे बढ़ेगा।"

गुजरात में BJP की ऐतिहासिक जीत

गुजरात में हाल ही में समाप्त हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत या इससे अधिक मत हासिल किए हैं। सत्तारूढ़ पार्टी ने पंचायत चुनावों में 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की कुल 9,986 सीटों पर जीत दर्ज की। 15 नगर निगमों की कुल 1,044 सीटों में से BJP ने 937 सीटें, कांग्रेस ने 95 सीटें जीतीं, जबकि छह सीटें AAP के खाते में गईं। शेष छह सीटें निर्दलीय और छोटे दलों ने जीतीं।

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इसी प्रकार BJP ने 84 नगरपालिकाओं में कुल 2,624 सीटों में से 1,988 सीटें, कांग्रेस ने 459, आम आदमी पार्टी ने 18 सीटें जीतीं, जबकि 14 सीटें एआईएमआईएम को मिलीं और शेष सीटें निर्दलीय और अन्य पार्टियों ने जीतीं। ग्रामीण स्थानीय निकायों में भी BJP ने बढ़त हासिल की। 34 में से 33 जिला पंचायतों में जीत दर्ज की। 34 जिला पंचायतों की 1,090 सीटों में से BJP ने 892, कांग्रेस ने 136 और आम आदमी पार्टी ने 58 सीटें जीतीं। जबकि शेष चार सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं।

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