घर में छोटे-मोटे रिपेयर का काम अक्सर बहुत साधारण माना जाता है, लेकिन विदेशों में यही छोटे काम लोगों के लिए बड़ा खर्चा बन जाते हैं। कई बार एक छोटा सा लीकेज या मामूली मरम्मत भी हजारों रुपये तक पहुंच जाती है। अलग-अलग देशों में लेबर चार्ज और सर्विस कॉस्ट इतनी अलग होती है कि लोग इसकी तुलना अपने देश की कीमतों से करने लगते हैं। भारत में जहां ये काम बहुत कम पैसों में हो जाते हैं, वहीं विदेशों में इनके लिए काफी ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं।
इसी वजह से विदेश में रहने वाले लोगों को कई बार हैरानी होती है और यह उनके लिए एक तरह का “रियलिटी चेक” बन जाता है। ऐसे अनुभव अक्सर सोशल मीडिया पर भी सामने आते हैं, जहां लोग अपने खर्चों और देशों के बीच कीमतों के फर्क को शेयर करते हैं।
अमेरिका में भारतीय महिला का चौंकाने वाला अनुभव
अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिला अमृता सिंह ने अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि घर में एक छोटे से पानी के लीकेज को ठीक कराने के लिए उन्हें करीब 250 डॉलर (लगभग 21,000 से 23,000 रुपये) खर्च करने पड़े।
वीडियो में दिखाया असली फर्क
अमृता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिका में छोटे-छोटे रिपेयर के लिए भी 100 से 200 डॉलर तक आसानी से लग जाते हैं। उन्होंने लिखा कि यहां लेबर कॉस्ट बहुत ज्यादा है, इसलिए हर छोटे काम का खर्च भी भारी पड़ जाता है।
भारत और अमेरिका की कीमतों में बड़ा अंतर
उन्होंने ये भी कहा कि भारत में यही काम शायद 500 से 1000 रुपये में हो जाता। उनके पोस्ट में साफ दिखाया गया कि दोनों देशों में कामों की कीमतों में कितना बड़ा अंतर है।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग राय दी। कुछ ने कहा कि अमेरिका में सैलरी भी ज्यादा होती है, इसलिए खर्च भी अधिक है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि वहां सर्विस चार्ज महंगा है, लेकिन कमाई भी उसी हिसाब से होती है।