India Creator Economy: भारत में कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल मीडिया का बाजार इस समय अपने सबसे सुनहरे दौर से गुजर रहा है। 2025 बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy) का मूल्य इस समय 20 अरब डॉलर से 25 अरब डॉलर (लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये से 2.1 लाख करोड़ रुपये) के बीच हो चुका है। ऐसे में इंटरनेट यूजर्स और आम लोगों के बीच इस बात को लेकर बेहद उत्सुकता रहती है कि देश के सबसे बड़े इन्फ्लुएंसर्स और क्रिएटर्स आखिरकार एक ब्रांड डील या इंस्टाग्राम रील से कितना पैसा कमाते हैं।
वायरल रील्स, पॉडकास्ट और यूट्यूब वीडियो के पीछे एक तेजी से बढ़ती हुई इंडस्ट्री है। आज के वक्त में टॉप डिजिटल क्रिएटर्स अब उतनी फीस वसूल रहे हैं जो कभी केवल बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और टेलीविजन सितारों के हिस्से आया करती थीं। हमारी सहयोगी वेबसाइट Money Control English की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिएटर इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक भारत के सबसे बड़े डिजिटल नाम अपनी रीच, एंगेजमेंट और मौजूदा ऑनलाइन प्रासंगिकता के आधार पर एक सिंगल कैंपेन इंटीग्रेशन के लिए कुछ लाख रुपये से लेकर करीब 50 लाख रुपये तक चार्ज कर सकते हैं।
भारत के टॉप क्रिएटर्स की अनुमानित फीस
डिजिटल इकोसिस्टम में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले नामों में कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर तन्मय भट्ट शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ब्रांडेड रील के लिए करीब 25 से 30 लाख रुपये चार्ज करते हैं। अपने शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' की पॉपुलैकिटी पीक के दौरान कॉमेडियन समय रैना के बारे में कहा जाता था कि वो एक सिंगल इंटीग्रेशन के लिए करीब 40 लाख रुपये चार्ज करते हैं। इस शो से जुड़े विवादों के बाद भी रिपोर्ट में सोर्सेज के हवाले से बताया गया है कि मौजूदा समय में उनकी रील इंटीग्रेशन फीस 30 से 35 लाख रुपये के दायरे में है। वहीं बात यूट्यूब से जुड़े बड़े कैंपेन की करें, तो यह आंकड़ा 50 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
यूट्यूब स्टार भुवन बाम की फीस 30 से 35 लाख रुपये के ब्रैकेट में मानी जाती है, जबकि जानी-मानी क्रिएटर और अभिनेत्री प्राजक्ता कोली कथित तौर पर हर कैंपेन लगभग 25 से 30 लाख रुपये चार्ज करती हैं। फैशन और एंटरटेनमेंट इन्फ्लुएंसर कुशा कपिला ब्रांडेड रील्स से करीब 20 लाख रुपये तक कमाती हैं।
डॉली सिंह और कोमल पांडे जैसी फेमस क्रिएटर्स कैंपेन के पैमाने और प्लेटफॉर्म की जरूरतों के आधार पर 8 से 10 लाख रुपये के दायरे में काम करती हैं। एक और बेहद लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा (द रेबेल किड) ब्रांड्स के साथ कोलाबोरेशन के पैमाने के आधार पर 25 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये के बीच कहीं भी चार्ज कर सकती हैं। बियरबाइसेप्स के नाम से मशहूर पॉडकास्टर और उद्यमी रणवीर अल्लाहबादिया पहले कथित तौर पर करीब 25 से 30 लाख रुपये चार्ज करते थे। हालांकि कुछ ब्रांड अधिकारियों का अनुमान है कि अब उनके कुछ कोलाबोरेशन 15 से 20 लाख रुपये के दायरे में भी होते हैं।
क्रिएटर्स का रेट कार्ड फिक्स नहीं!
क्रिएटर इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि इन क्रिएटर्स की प्राइसिंग कभी भी फिक्स नहीं होती। यह पूरी तरह से सोशल मीडिया एंगेजमेंट से जुड़ी होती है और इसमें लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। वायरल रीच, एल्गोरिदम बूस्ट और दर्शकों के सेंटिमेंट (भावनाओं) के कारण महज कुछ हफ्तों के भीतर ही क्रिएटर्स की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।