गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा महोत्सव के दौरान श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मंदिर प्रशासन और पुलिस के लिए भीड़ संभालना मुश्किल हो गया। भगवान गणेश को अर्पित की जाने वाली सिंजारा की मेहंदी लेने के लिए राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों से लोग जयपुर पहुंचे। देखते ही देखते मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं और कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
3 घंटे में खत्म हो गई 3500 किलो मेहंदी
सिंजारा उत्सव के लिए सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगवाई गई थी। परंपरा के अनुसार पहले इस मेहंदी को भगवान गणेश को अर्पित किया गया और इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाना था। मेहंदी बांटने का समय शाम करीब 7:30 बजे तय किया गया था, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन को समय से पहले ही वितरण शुरू करना पड़ा। करीब तीन घंटे के भीतर पूरी मेहंदी खत्म हो गई। शाम 7 बजे के आसपास मंदिर प्रशासन ने मेहंदी खत्म होने की घोषणा कर श्रद्धालुओं से वापस लौटने की अपील की।
सोशल मीडिया की रील्स ने बढ़ाई लोगों की उत्सुकता
इस बार सिंजारा की मेहंदी को लेकर सोशल मीडिया पर कई रील्स वायरल हुईं। इनमें दावा किया गया कि मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान को अर्पित की गई मेहंदी लगाने से कुंवारे युवक-युवतियों के विवाह के योग बनते हैं। इस मान्यता ने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी। दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से श्रद्धालु जयपुर पहुंचने लगे। कोई अपने लिए मेहंदी लेने आया था तो कई लोग अपने बेटे-बेटी, भाई या बहन के लिए इसे लेने पहुंचे।
शनिवार रात से ही मंदिर के बाहर इंतजार
मेहंदी लेने की चाहत ऐसी थी कि कुछ श्रद्धालु शनिवार रात से ही मंदिर के आसपास डेरा डालकर बैठ गए थे। रविवार सुबह से भीड़ लगातार बढ़ती गई और मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गईं।एक तरफ कतार एमडी रोड तक पहुंच गई, जबकि दूसरी ओर श्रद्धालु जेएलएन रोड तक नजर आए। स्थिति को देखते हुए गणेश चतुर्थी के लिए होने वाला ट्रैफिक डायवर्जन भी एक दिन पहले लागू करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने से कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इसी दौरान महाराष्ट्र से आई एक महिला श्रद्धालु बेहोश हो गई। मेहंदी लेने के लिए कुछ जगह श्रद्धालुओं के बीच हाथापाई की स्थिति बनने की भी बात सामने आई। भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों और मंदिर के सेवादारों को लगातार लोगों को लाइन में लगाने और आगे बढ़ाने की कोशिश करनी पड़ी।
आखिर क्यों है सिंजारा की मेहंदी इतनी खास?
मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार सिंजारा उत्सव में भगवान गणेश को मेहंदी अर्पित करने की परंपरा है। पूजा के बाद यही मेहंदी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाती है। मान्यता है कि इसे शगुन के तौर पर घर ले जाने और इस्तेमाल करने से मांगलिक कार्यों में शुभता आती है।
खासकर ऐसे परिवार, जहां शादी की उम्र होने के बावजूद युवक या युवती का विवाह नहीं हो पा रहा है, वे इस मेहंदी को विशेष आस्था के साथ लेते हैं। कुछ श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास भी है कि भगवान गणेश को अर्पित मेहंदी हाथों पर लगाने से एक साल के भीतर विवाह के योग बन सकते हैं।