Halloween 2025: डर और रोमांच का मौसम एक फिर आ रहा है। अक्टूबर का महीना खत्म होने में बस एक दिन बचा है। और यही वो दिन है जब लोग अपने घरों को मकड़ियों के जालों से सजाएंगे, कद्दू में लालटेन बनाएंगे और घर के हर कोने में रोमांच के साथ रहस्य की आहट सुनाई देगी। यह सब होगा 31 अक्टूबर को जब पूरी दुनिया में हैलोवीन फेस्टिवल मनाया जाएगा। हैलोवीन का मौसम अपने साथ प्राचीन और डरावनी लोककथाएं, डर और मस्ती लेकर आता है। भूत, डरावनी ड्रेसिंग और मेकअप इस सीजन का सबसे हिट सीन होता है। इस फेस्टिवल की रातें पूरे साल में सबसे ज्यादा रोमांचकारी होती हैं, क्योंकि इसमें डर और रहस्य का खेल कुछ ज्यादा मजेदार हो जाता है। इस दिन लोग भूतिया कपड़े पहनते हैं, डरावना मेकअप करते हैं, बॉनफायर जलाते हैं, ट्रिक और ट्रीट में ढेर सारी कैंडी खाते हैं और अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ प्रैंक्स करते हैं।
हैलोवीन हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। 2025 में, यह शुक्रवार को पड़ रहा है। हैलोवीन ऑल सेंट्स डे से पहले की शाम को कहते है। हैलोवीन पहले स्कॉटलैंड और आयरलैंड में मनाया जाता था। यह एक सेल्टिक त्योहार है, जिसे समहैन के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस दिन जीवित और मृत दुनिया के बीच का दरवाजा खुलता है और आत्माएं अपने परिवार जनों से मिलने आती हैं।
कब मनाया जाता है हैलोलोवीन?
हैलोवीन डे हर साल अक्टूबर के आखिरी दिन मनाया जाता है। अमेरिकी देशों में ये उत्सव पूर्वजों की याद में मनाया जाता है। हैलोवीन का इतिहास लगभग 2000 या उससे भी अधिक साल पुराना है। हजारों साल पहले से पूरे उत्तरीय यूरोप के देशों में 1 नवंबर को 'आल सेट्स डे' के नाम से मनाया जाता रहा है। इससे पहले की रात हैलोवीन ईव के नाम से जानी जाती है।
हैलोवीन की शुरुआत सबसे पहले आयरलैंड और स्कॉटलैंड से हुई थी। ईसाई समुदाय के लोगों में हैलोवीन डे को लेकर मान्यता है कि भूतों की तरह मेकअप करने कौर कपड़े पहनने से पूर्वजों की आत्माओं को शांति मिलती है। ईसाई समुदाय में सेल्टिक कैंलेंडर के आखिरी दिन यानी 31 अक्टूबर को हैलोवीन फेस्टिवल मनाया जाता है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों के कई राज्यों में इसे नए साल की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता है।
इस त्योहार पर कभी लोग कद्दू को खोखला करके उसमें डरावने चेहरे बनाते थे। फिर उसके भीतर जलती हुई मोमबत्ती रख देते थे, जिससे अंधेरे में ये डरावने दिखें। इन्हें ही हैलोवीन कहा जाता था। कई देशों में ऐसे हैलोवीन को घर के बाहर अंधेरे में पेड़ों पर लटकाया जाता है जो पूर्वजों का प्रतीक होता है। फिर त्योहार खत्म होने के बाद कद्दू को दफना दिया जाता है।
हैलोवीन पर लालटेन जलाने की कहानी
हैलोवीन पर लालटेन जलाने को लेकर पश्चिमी देशों में एक लोककथा है, जिसके अनुसार, कंजूस जैक और शैतान आयरिश दोस्त थे। जैक शराबी था। एक बार उसने आयरिश को अपने घर बुलाया, लेकिन उसे शराब पिलाने से मना कर दिया। उसने अपने दोस्त को घर में लगा हुआ कद्दू खरीदने के लिए मना लिया लेकिन बाद में इससे भी इनकार कर दिया। इसके बाद उसके दोस्त ने गुस्से में पंपकिन पर मुहं की नक्काशी कर दी और जलते हुए कोयले उसमें डाल कर डरावनी लालटने बना दी और अपने घर के बाहर एक पेड़ पर टांग दी। इसके बाद से लोगों ने जैक-ओ-लालटेन बनाना शुरू किया।