RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन ने चीनी रिटेल चेन 'पैंग डोंग लाई' के फाउंडर और रिटेल टाइकून 'यू डोंग लाई' द्वारा शुरू की गई एक अनोखी पॉलिसी का जिक्र किया। यह पॉलिसी एक आसान सिद्धांत पर काम करती है- "अगर आप खुश नहीं हैं, तो काम पर न आएं।" इस सिस्टम के तहत, मैनेजमेंट छुट्टी देने से मना नहीं कर सकता, क्योंकि इसका मकसद कर्मचारियों को आराम का समय खुद तय करने की आजादी देना है।
हर्ष गोयनका ने एक्स पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा- चीन की रिटेल कंपनी 'पैंग डोंग लाई' अपने कर्मचारियों को 10 दिन की पेड "अनहैपी लीव" देती है। कंपनी के फाउंडर यू डोंगलाई की सोच साफ है- "अगर आप खुश नहीं हैं, तो काम पर न आएं।" कहा जाता है कि मैनेजर इस तरह की छुट्टी की रिक्वेस्ट को मना नहीं कर सकते।
उन्होंने आगे लिखा-क्या यह कुछ ज़्यादा ही है? शायद। हमें इस बात पर और गहराई से सोचने की ज़रूरत है कि क्या भारतीय माहौल में 'अनहैपी लीव' की जरूरत है या फिर क्या बर्नआउट (काम के तनाव से होने वाली थकान) को रोकने और ऐसा वर्कप्लेस बनाने का कोई बेहतर तरीका हो सकता है, जहां लोग सच में काम पर आना चाहें।
गोयनका ने बदलते ग्लोबल वर्क कल्चर को देखते हुए यह पोस्ट शेयर किया है। लेकिन उनके प्रोफेशनल नेटवर्क में इसे लेकर बहुत अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कमेंट बॉक्स में लोग-लोग अपने विचार शेयर कर रहे हैं।
कुछ लोगों को उनका ये सजेशन पसंद नहीं आया। लोगों का कहना है कि अगर पूरी टीमें परफॉर्मेंस टारगेट पूरे न होने के बाद महीने के आखिरी दिनों जैसी अहम तारीखों पर "अनहैप्पी लीव" (unhappy leave) के लिए अप्लाई करती हैं, तो यह खतरनाक हो सकता है। कंपनी पर गहरा असर पड़ेगा।
वहीं कई प्रोफेशनल्स का तर्क है कि छुट्टी देने से सिस्टम की कई समस्याओं को ठीक नहीं किया जा सकता है। वहीं कुछ ने कहा कि लीडर्स को अटेंडेंस मैनेज करने के बजाय "उत्साह बढ़ाने" पर ध्यान देना चाहिए, जिससे मेंटल हेल्थ की वजह से छुट्टी लेने की जरूरत अपने आप कम हो जाएगी।