Get App

क्या अच्छी जिंदगी जीने के लिए काफी है 1.5 से 2 लाख रुपये तक की सैलरी? इस शख्स ने हाई सैलरी के पीछे छिपे ट्रैप के बारे में बताया

आज के समय में ज्यादा कमाई को सफलता का पैमाना माना जाता है, लेकिन क्या हर महीने लाखों रुपये कमाना ही खुशहाल जिंदगी की गारंटी है? सोशल मीडिया पर मोहित तलरेजा की एक राय चर्चा में है। उनका कहना है कि शहरी परिवार के लिए 1.5 से 2 लाख रुपये मासिक आय एक अच्छा मुकाम हो सकता है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 1:38 PM
क्या अच्छी जिंदगी जीने के लिए काफी है 1.5 से 2 लाख रुपये तक की सैलरी? इस शख्स ने हाई सैलरी के पीछे छिपे ट्रैप के बारे में बताया
तलरेजा का मानना है कि हर व्यक्ति के लिए यह सीमा अलग हो सकती है

आज के दौर में ज्यादा कमाने की चाह शायद ही किसी से छिपी हो। नौकरी में प्रमोशन, बढ़ती सैलरी और बेहतर पैकेज को अक्सर सफलता की निशानी माना जाता है। लेकिन क्या जिंदगी भर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की दौड़ जरूरी है? इसी सवाल ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। मोहित तलरेजा ने अपनी राय साझा करते हुए कहा कि भारत के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए 1.5 लाख से 2 लाख रुपये महीने की कमाई एक ऐसा पड़ाव हो सकती है, जहां से जिंदगी को सिर्फ पैसे के पीछे दौड़ाने के बजाय दूसरी जरूरी चीजों पर भी ध्यान दिया जा सके।

एक सीमा तय करिए, फिर जिंदगी भी जीना सीखिए

तलरेजा का मानना है कि हर व्यक्ति के लिए यह सीमा अलग हो सकती है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस उम्र में इस आय तक पहुंचता है। लेकिन एक बार यह स्तर हासिल हो जाए, तो लगातार ज्यादा कमाने की कोशिश के बजाय जीवन के दूसरे पहलुओं को समय देना ज्यादा अहम हो सकता है। उनके मुताबिक, शहर में एक परिवार को आरामदायक जीवन देने के लिए 1.5 से 2 लाख रुपये की मासिक आय पर्याप्त हो सकती है।

ज्यादा कमाई के साथ बढ़ सकता है दबाव

सब समाचार

+ और भी पढ़ें