आज के दौर में ज्यादा कमाने की चाह शायद ही किसी से छिपी हो। नौकरी में प्रमोशन, बढ़ती सैलरी और बेहतर पैकेज को अक्सर सफलता की निशानी माना जाता है। लेकिन क्या जिंदगी भर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की दौड़ जरूरी है? इसी सवाल ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। मोहित तलरेजा ने अपनी राय साझा करते हुए कहा कि भारत के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए 1.5 लाख से 2 लाख रुपये महीने की कमाई एक ऐसा पड़ाव हो सकती है, जहां से जिंदगी को सिर्फ पैसे के पीछे दौड़ाने के बजाय दूसरी जरूरी चीजों पर भी ध्यान दिया जा सके।
