दो भाइयों ने "स्मार्ट सिटी" के नाम पर 70,000 लोगों को कैसे लगाया 2,700 करोड़ रुपए का चूना

इस प्रोजेक्ट में लेवल इनकम और दूसरों को रेफर करने के लिए कमीशन और रिवॉर्ड भी शामिल थे। इसके तहत जब आप किसी भी एक तय लिमिट तक इनवेस्ट करते, तो आपको उसी के हिसाब से लैपटॉप, बाइक और कार जैसे इनाम देने के वादा किया गया था। उन्होंने निवेशकों को अतिरिक्त कमीशन देने का भी वादा किया अगर वे अपनी युनिक ID के तहत ज्यादा निवेशकों को भर्ती कर सकते हैं

अपडेटेड Jun 15, 2025 पर 6:49 PM
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दो भाइयों ने "स्मार्ट सिटी" के नाम पर 70,000 लोगों को कैसे लगाया 2,700 करोड़ रुपए का चूना

राजस्थान के दो भाइयों - सुभाष बिजारणियां और रणवीर बिजारणियां - ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर लगभग 70,000 लोगों से 2,676 करोड़ रुपए की ठगी की है। सीकर जिले के दो भाइयों ने नेक्सा एवरग्रीन नाम से एक कंपनी बनाई और कथित तौर पर गुजरात के 'धोलेरा स्मार्ट सिटी' में ज्यादा रिटर्न और जमीन का वादा करके निवेशकों को ठगा। उन्होंने धोलेरा शहर के अलग-अलग प्रोजेक्ट की तस्वीरें दिखाकर भी निवेशकों को धोखा दिया।

इस प्रोजेक्ट में लेवल इनकम और दूसरों को रेफर करने के लिए कमीशन और रिवॉर्ड भी शामिल थे। इसके तहत जब आप किसी भी एक तय लिमिट तक इनवेस्ट करते, तो आपको उसी के हिसाब से लैपटॉप, बाइक और कार जैसे इनाम देने के वादा किया गया था।

उन्होंने निवेशकों को अतिरिक्त कमीशन देने का भी वादा किया अगर वे अपनी युनिक ID के तहत ज्यादा निवेशकों को भर्ती कर सकते हैं।


'धोलेरा स्मार्ट सिटी घोटाला'

रणवीर बिजारानी ने सबसे पहले 2014 में धोलेरा में जमीन खरीदी थी। इसके बाद रिटायर्ड आर्मी कर्मचारी सुभाष ने भी रिटायरमेंट के बाद मिले 30 लाख रुपए से जमीन खरीदी।

इसके बाद दोनों भाइयों ने नेक्सा एवरग्रीन का गठन किया और 2021 में इसे अहमदाबाद में पंजीकृत कराया।

कंपनी ने खुद को 'धोलेरा स्मार्ट सिटी' परियोजना का हिस्सा बताया और दावा किया कि उनके पास 1,300 बीघा जमीन है, जिसे विश्व स्तरीय शहर में बदला जाएगा।

70,000 से ज्यादा लोगों को फ्लैट, प्लॉट और निवेश योजनाओं का लालच दिया गया और उन्हें भारी मुनाफे का वादा किया गया। देश भर के निवेशकों से करीब 2,676 करोड़ रुपये जुटाए गए।

उन्होंने अपने शीर्ष अधिकारियों को भी चुना, जिनमें सलीम खान, समीर, दातार सिंह, रक्षपाल, ओमपाल और सांवरमल शामिल थे। इनके जरिए उन्होंने राजस्थान में हजारों एजेंट बनाए, जिन्हें भारी कमीशन मिलता था।

करीब 1,500 करोड़ रुपए कमीशन के तौर पर बांटे गए। इसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी के पैसे से 1,300 बीघा जमीन खरीदी।

बाद में उन्होंने राजस्थान में लग्जरी कारें, खदानें और होटल, अहमदाबाद में फ्लैट और गोवा में 25 रिसॉर्ट खरीदे। उन्होंने 250 करोड़ रुपए कैश लिए और बाकी पैसे 27 फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए।

कथित धोखाधड़ी के बाद, उन्होंने अपने सभी दफ्तर बंद कर दिए और भाग गए। राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

प्रवर्तन निदेशालय ने नेक्सा एवरग्रीन धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गुरुवार को जयपुर, सीकर, झुंझुनू और अहमदाबाद में 25 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

असली धोलेरा स्मार्ट सिटी परियोजना

धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट केंद्र और गुजरात के बीच एक ज्वाइंट प्रोजेक्ट है। यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट शहर है और इसका आकार दिल्ली (920 वर्ग किमी) से दोगुना है।

एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मल्टी नेशनल कंपनियों के कार्यालय बनाए जा रहे हैं। इसके 2042 तक विकसित होने की उम्मीद है।

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