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AI की मदद से बिरयानी टैक्स स्कैम की तह तक पहुंचा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, 70,000 करोड़ टैक्स चोरी का खुलासा

जांच की शुरुआत हैदराबाद के मशहूर बिरयानी चेंस से हुई। टैक्स चोरी के तरीकों की करीबी जांच करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रेस्टॉरेंट बिलिंग सिस्टम में फ्रॉड का पता चला। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का अनुमान है कि फ्रॉड के इस तरीके का इस्तेमाल कर फूड इंडस्ट्री में 70,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू छुपाया गया

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 19, 2026 पर 8:05 PM
AI की मदद से बिरयानी टैक्स स्कैम की तह तक पहुंचा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, 70,000 करोड़ टैक्स चोरी का खुलासा
इस जांच की शुरुआत हैदराबाद, विशाखापत्तनम और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ दूसरे शहरों में इनकम डिपार्टमेंट की सर्च से हुई।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ऐसे टैक्स चोरी के स्कैम तक पहुंचने में मदद की है, जिसका पता दूसरे तरीकों से शायद ही लग पाता। जांच की शुरुआत हैदराबाद के मशहूर बिरयानी चेंस हुई। टैक्स चोरी के तरीकों की करीबी जांच करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रेस्टॉरेंट बिलिंग सिस्टम में फ्रॉड का पता चला। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का अनुमान है कि फ्रॉड के इस तरीके का इस्तेमाल कर फूड इंडस्ट्री में 70,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू छुपाया गया है।

फूड इंडस्ट्री में 70,000 करोड़ रुपये की सेल्स छुपाई गई

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की हैदराबाद की इनवेस्टिगेशन यूनिट ने रेस्टॉरेंट्स् के बिल्स की करीबी जांच की। जांच में यह पाया गया कि फाइनेंशियल ईयर 2019-20 से अब तक कम से कम 70,000 करोड़ रुपये की सेल्स छुपाई गई है। इस जांच में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने AI Tools और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया। एआई टूल्स की मदद से देशभर में रेस्टॉरेंट्स के अरबों बिल्स की जांच की गई।

60 TB डेटा की जांच टैक्स अधिकारियों ने की 

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