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Independence Day 2025: दिलचस्प है 15 अगस्त का इतिहास, लॉर्ड माउंट बेटन से है खास रिश्ता

Independence Day 2025: ये सवाल कभी न कभी सबके मन में आता है कि आखिर भारत को आजाद करने के लिए अंग्रेजों ने 15 अगस्त का दिन ही क्यों चुना ? इसकी कहानी काफी दिलचस्प है और इसका लॉर्ड माउंट बेटन से खास रिश्ता भी है। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 04, 2025 पर 9:37 PM
Independence Day 2025: दिलचस्प है 15 अगस्त का इतिहास, लॉर्ड माउंट बेटन से है खास रिश्ता

हर साल 15 अगस्त का दिन हम सभी भारतवासी देश की आजाद की वर्षगांठ के तौर पर मनाते हैं। वजह साफ है, 15 अगस्त 1947 के दिन ही ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिली थी। उसी की याद में हम हर साल 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। मगर, कभी सोचा है कि ये तो किसी भी दिन हो सकता था, फिर 1947 में 15 अगस्त का दिन ही क्यों चुना गया ? चलिए आज इतिहास से जुड़ी ये दिलचस्प कहानी आपको सुनाते हैं। खास बात ये है कि इसका सीधा संबंध देश के अंतिम ब्रिटिश वायसरॉय से भी था।

क्यों 15 अगस्त को मिली देश को आजादी ?

भारत के हर कोने से आजादी की मांग उठने लगी थी। ब्रिटिश सत्ता के लिए भी अब बहुत समय तक भारत को गुलाम रख पाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उसने 30 जून 1948 का दिन भारत की आजादी के लिए तय किया। मगर, इसी दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच अलग राष्ट्र पाकिस्तान बनाने के मुद्दे पर तनाव बढ़ गया। इसकी वजह से देश में सांप्रदायिक दंगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत को 15 1947 के दिन ही आजाद करने का फैसला किया गया। इसके लिए लॉर्ड माउंटबेटन ने ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमंस में 4 जुलाई 1947 को इंडिया इंडिपेंडेंस बिल पेश किया। इसे मंजूरी मिलते ही भारत को 15 अगस्त 1947 के दिन आजाद करने की घोषणा कर दी गई।

15 अगस्त का लॉर्ड माउंटबेटन से रिश्ता

लॉर्ड माउंटबेटन के नेतृत्व में 15 अगस्त 1945 में ब्रिटिश सेना के सामने जापान की सेना ने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद ही द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ था। लॉर्ड माउंटबेटन एलाइड फोर्सेस के कमांडर थे और वह इस दिन को अपने लिए बहुत भाग्यशाली मानते थे। इसलिए भारत को आजाद करने के लिए उन्होंने इस तारीख को चुना।

इस साल मनेगा 78वां या 79वां स्वतंत्रता दिवस ?

भारत इस साल 15 अगस्त के दिन अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा या 79वां। यह कंफ्यूजन लगभग हर साल किसी न किसी को होती है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। आइए समझें इस के गणित का।

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