Get App

सेल्फी का जानलेवा शौक! अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बना सबसे डेंजरस Selfie हॉटस्पॉट, सैकड़ों लोगों की गई जानें

India Take Selfie: एक नए अध्ययन के बाद उन देशों का लिस्ट जारी किया गया है जहां सेल्फी लेना सबसे ज्यादा खतरनाक है। 214 मौतें और 57 घायलों के साथ भारत दुनियाभर में सेल्फी लेने के लिए सबसे डेंजरस हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। सेल्फी को लेकर दुनिया भर में दर्ज सभी मामलों का लगभग 42.1 प्रतिशत केस भारत में है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 26, 2025 पर 9:17 PM
सेल्फी का जानलेवा शौक! अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बना सबसे डेंजरस Selfie हॉटस्पॉट, सैकड़ों लोगों की गई जानें
India Take Selfie: भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थल, चट्टानें और रेल की पटरियां भारत में सेल्फी के लिए डेंजरस हॉटस्पॉट बन गई हैं

India Take Selfie: सेल्फी से होने वाली मौतों के मामले में अमेरिका और रूस को पीछे छोड़कर भारत दुनिया का सबसे डेंजरस हॉटस्पॉट बन गया है। जी हां, एक नया स्टडी आपको यात्रा के दौरान इंस्टाग्राम पर वायरल लायक सेल्फी लेने के लिए कैमरा उठाने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर कर सकता है। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' के अनुसार, 271 मौतों (214 मौतें और 57 घायल) के साथ भारत दुनियाभर में सेल्फी लेने के लिए सबसे खतरनाक देश बनकर उभरा है। यह दुनिया भर में दर्ज सभी मामलों का लगभग 42.1 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थल, चट्टानें और रेल की पटरियां भारत में सेल्फी के लिए डेंजरस हॉटस्पॉट बन गई हैं।

Barber Law Firm के शोधकर्ताओं ने गूगल पर उपलब्ध न्यूज रिपोर्टों का इस्तेमाल करके मार्च 2014 से मई 2025 तक दुनिया भर में सेल्फी से जुड़ी दुर्घटनाओं पर स्टडी की। स्टडी में गूगल न्यूज (Google News ) के आर्टिकल का इस्तेमाल किया गया, जिनमें ऐसे उदाहरण दिखाए गए जिनमें सेल्फी लेने की कोशिश के परिणामस्वरूप सीधे तौर पर नुकसान या मौत हुई। इसके लिए शोधकर्ताओं ने कई कारकों की पहचान की है। इनमें लोगों की अधिक भीड़, रेल की पटरियों और चट्टानों जैसे खतरनाक स्थानों तक आसान पहुंच है।

सेल्फी से जुड़ी 45 मौतों के साथ अमेरिका दूसरे स्थान पर है। इसमें आठ चोटें और 37 मौतें शामिल हैं। जबकि 18 मौतों और एक घायल सहित 19 हताहतों के साथ रूस तीसरे स्थान पर है। पाकिस्तान 16 मौतों और बिना किसी चोट के चौथे स्थान पर रहा। जबकि ऑस्ट्रेलिया 13 सेल्फी मौतों और दो चोटों के साथ शीर्ष 5 में शामिल रहा। सर्वे में पाया गया कि छतों, चट्टानों या ऊंची इमारतों से गिरने के कारण सेल्फी से संबंधित लगभग 46 फीसदी मौतें हुईं। इससे वायरल होने लायक फोटो लेने की चाह में एक भी गलत कदम के घातक परिणाम उजागर हुए।

रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर लोगों पर 'परफेक्ट' तस्वीरें बनाने के भारी दबाव को भी उजागर किया गया है, जो अक्सर जान पर भारी पड़ जाता है। 'द बार्बर लॉ फर्म' के संस्थापक और प्रमुख वकील क्रिस्टोफर बार्बर ने कहा, "परफेक्ट तस्वीरें खतरे के लायक नहीं हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "इनमें से कई दुखद घटनाओं को कुछ कदम पीछे हटकर या कोई सुरक्षित जगह ढूंढ़कर रोका जा सकता था।"

सेल्फी से क्यों हो रही मौत?

विशेषज्ञों के अनुसार, लोग सेल्फी लेते वक्त अक्सर बुनियादी सुरक्षा से ज्यादा वायरल कंटेंट की चाहत को प्राथमिकता देते हैं। वे बेवजह और कभी-कभी जानलेवा जोखिम उठा लेते हैं। भारत में बैन टिकटॉक चैलेंज के साथ भी ऐसा ही हुआ था। हाल ही में कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिजर्व में एक भारतीय पर्यटक ने हाथी के साथ तस्वीर लेने की कोशिश की। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें