नौकरी का इंटरव्यू आमतौर पर उम्मीदवार और कंपनी के बीच दोतरफा बातचीत का मौका माना जाता है। लेकिन कुछ नौकरी तलाशने वालों के लिए यह अनुभव इतना तनावपूर्ण हो जाता है कि उन्हें इंटरव्यू बातचीत से ज्यादा पूछताछ जैसा महसूस होने लगता है। हाल ही में Reddit के r/developersIndia पर हुई एक चर्चा में कई भारतीय उम्मीदवारों ने ऐसे ही अनुभव साझा किए।
चर्चा की शुरुआत एक उम्मीदवार के सवाल से हुई, जिसने पूछा कि कुछ भारतीय इंटरव्यू लेने वालों का रवैया इतना डराने वाला क्यों होता है। उम्मीदवार के मुताबिक, एक इंटरव्यू की शुरुआत ही इस तरह हुई, “Okay, introduce yourself. I’ll give you one code.” इसके बाद सीधे coding questions पूछे जाने लगे। हैरानी की बात यह थी कि इंटरव्यू लेने वाले ने खुद का परिचय तक नहीं दिया।
‘मैं गेटकीपर हूं, तुम्हें खुद को साबित करना है’
उम्मीदवार ने सवाल उठाया कि कुछ इंटरव्यू लेने वालों में ऐसा रवैया क्यों दिखाई देता है, मानो नौकरी देने का फैसला किसी एहसान की तरह हो। उन्होंने इसे “I’m the gatekeeper and you need to prove yourself” वाली मानसिकता बताया।
खास बात यह थी कि उम्मीदवार के अनुसार इंटरव्यू लेने वाला कोई बहुत वरिष्ठ या पुराने दौर की सोच रखने वाला व्यक्ति नहीं था। वह कथित तौर पर 2023 का ग्रेजुएट था। यानी समस्या सिर्फ उम्र या पीढ़ी से जोड़कर नहीं देखी जा सकती।
उम्मीदवारों ने साझा किए अपने अनुभव
Reddit पर दूसरे यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने कहा कि कई बार इंटरव्यू लेने वाले खुद इंटरव्यू लेना नहीं चाहते और उन्हें यह जिम्मेदारी बस सौंप दी जाती है। ऐसे में उनका लक्ष्य उम्मीदवार का बेहतर अनुभव सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि तय समय पूरा करके आगे बढ़ना होता है।
एक अन्य यूजर ने इसे “Power trip” बताया। वहीं, एक उम्मीदवार ने कहा कि पिछले तीन महीनों में चार इंटरव्यू देने के बावजूद कुछ हासिल नहीं हुआ और कई इंटरव्यू लेने वालों में उम्मीदवारों को “worthless” महसूस कराने की गजब की क्षमता होती है।
Salary पूछना भी बन जाता है अपराध?
चर्चा में salary expectations को लेकर भी नाराजगी सामने आई। एक उम्मीदवार ने कहा कि मौजूदा CTC से ज्यादा वेतन की उम्मीद रखना भी कई बार ऐसा पेश किया जाता है जैसे उम्मीदवार ने कोई अपराध कर दिया हो।
नौकरी बदलते समय बेहतर वेतन की उम्मीद करना सामान्य बात है, लेकिन उम्मीदवारों का कहना है कि बातचीत का लहजा कई बार उन्हें अपनी ही वैल्यू पर सवाल करने के लिए मजबूर कर देता है।
DSA और Technical Round पर भी सवाल
सबसे ज्यादा शिकायत technical interviews और DSA questions को लेकर दिखी। कुछ उम्मीदवारों का मानना है कि कई कंपनियां आज भी इंटरनेट से उठाए गए मुश्किल coding questions पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हैं, भले ही वास्तविक नौकरी में उनकी जरूरत न हो।
एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि AI और LLMs के दौर में पारंपरिक coding rounds की उपयोगिता पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।