इंटरव्यू लेने वाले खुद को समझते हैं बॉस? Reddit पोस्ट ने खोल दी कॉरपोरेट कल्चर की पोल

नौकरी का इंटरव्यू उम्मीदवार की काबिलियत परखने का तरीका है, लेकिन कई बार इसका अनुभव डराने वाला बन जाता है। Reddit पर एक यूजर ने भारतीय इंटरव्यू कल्चर पर सवाल उठाते हुए अपना अनुभव साझा किया। पोस्ट में इंटरव्यूअर के रवैये से लेकर कठिन Coding सवालों तक कई मुद्दों पर चर्चा छिड़ गई, जिस पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दीं

अपडेटेड Sep 14, 2026 पर 4:03 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
मॉर्गन की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी।

वर्क फ्रॉम होम ने कर्मचारियों को सुविधा और आजादी जरूर दी, लेकिन अब यही व्यवस्था निगरानी और प्राइवेसी को लेकर नई बहस खड़ी कर रही है। अमेरिकी अरबपति वकील जॉन मॉर्गन के एक बयान ने इस बहस को और गर्म कर दिया है। उनका दावा है कि कंपनी ने कर्मचारियों के लैपटॉप में कैमरा मॉनिटरिंग शुरू की तो महज सात दिनों में 23 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी।

मॉर्गन ने यह बात ‘The Iced Coffee Hour’ पॉडकास्ट में कही, जहां उन्होंने रिमोट वर्क, कर्मचारियों की जवाबदेही और ऑफिस लौटने को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

ऑफिस आने से इनकार किया तो मिला दूसरा विकल्प


मॉर्गन के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद जब कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुलाने की कोशिश की गई, तो कई लोगों ने इसका विरोध किया। ऐसे कर्मचारियों को घर से काम जारी रखने का विकल्प दिया गया। लेकिन इस सुविधा के साथ एक शर्त भी रखी गई कर्मचारियों के काम की कड़ी निगरानी की जाएगी। मॉर्गन ने दावा किया कि इसके लिए कर्मचारियों के वर्क लैपटॉप में कैमरे लगाए गए थे।

उनका कहना था कि कंपनी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे रही थी, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहती थी कि काम के दौरान कर्मचारी वास्तव में अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं।

7 दिन में 23 इस्तीफे, मालिक ने निकाला अलग मतलब

मॉर्गन ने दावा किया कि निगरानी की व्यवस्था लागू होने के बाद पहले ही हफ्ते में 23 कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया। उनके मुताबिक, इन इस्तीफों को सिर्फ वर्क फ्रॉम होम की इच्छा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इसे कर्मचारियों की निगरानी और जवाबदेही से बचने की इच्छा से जोड़ते हुए कहा कि कुछ लोग घर से काम नहीं, बल्कि बिना निगरानी के काम करना चाहते थे। यहीं से उनकी टिप्पणी पर विवाद शुरू हो गया।

क्या कर्मचारी को हर वक्त निगरानी में रखना सही है?

मॉर्गन के बयान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है अगर कोई कर्मचारी घर से अपना काम समय पर और अच्छी तरह पूरा कर रहा है, तो क्या कंपनी को उसके लैपटॉप कैमरे के जरिए उस पर नजर रखने का अधिकार होना चाहिए?कर्मचारियों के लिए मामला सिर्फ काम का नहीं, बल्कि निजी जिंदगी और व्यक्तिगत स्पेस का भी है। घर में काम करने वाला व्यक्ति यह नहीं चाहेगा कि ऑफिस की निगरानी उसके निजी जीवन की सीमा तक पहुंच जाए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने लगाई क्लास

मॉर्गन की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने कहा कि अगर किसी को यह डर हो कि कंपनी काम के घंटों के बाद भी कैमरे के जरिए उसे देख सकती है, तो वह ऐसी नौकरी छोड़ना पसंद करेगा। एक अन्य यूजर ने कॉरपोरेट अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि वह बोर्ड और सी-सूट अधिकारियों के साथ काम करता है और उन्हें कई बार ‘ना’ कहना पड़ता है। वहीं एक यूजर ने सवाल किया कि अगर अरबपति को भी उसी तरह कैमरे के सामने रखा जाए और हर वक्त मॉनिटर किया जाए, तो उन्हें कैसा लगेगा?

trends (39)

असली बहस नौकरी की नहीं, भरोसे की है

जॉन मॉर्गन की टिप्पणी ने रिमोट वर्क की उस बहस को फिर सामने ला दिया है, जिसमें एक तरफ कंपनियां उत्पादकता और जवाबदेही चाहती हैं, वहीं कर्मचारी भरोसा और प्राइवेसी। आखिर कर्मचारी काम कर रहा है या नहीं, इसे मापने का बेहतर तरीका उसकी स्क्रीन पर नजर रखना है या उसके काम के नतीजे देखना बहस अब इसी सवाल पर आकर टिक गई है।

वर्क फ्रॉम होम या हर वक्त निगरानी? कैमरा मॉनिटरिंग के बाद 23 कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।